
रांची : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया. शुक्रवार को मौजूदा सत्र की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने की. इस दौरान सबसे पहले शोक प्रस्ताव लाया गया. इस दौरान विगत सत्र से अब तक के बीच नहीं रहे राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद, कलाकार, लेखक, खिलाड़ी, साहित्यकार को सदन ने श्रद्धांजलि अर्पित की. पूर्व मंत्री जगरनाथ महतो, पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, पूर्व सीएम ओमान चांडी, पूर्व विधायक हरिहर प्रभाकर, शिक्षाविद डॉ करमा उरांव समेत कई लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी. इसके बाद सदन की कार्यवाही को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी. पहले दिन शोक प्रस्ताव के दौरान पूर्व मंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो को याद किया गया. इस दौरान उनकी पत्नी मंत्री बेबी देवी सदन के अंदर शांति से बैठी रही. जिस सीट पर जगरनाथ महतो बैठते थे, उसी सीट पर बेबी देवी बैठी. वह चुपचाप बैठकर सदन की बातें सुनती रही. सदन के अंदर सभी दल के नेताओं ने जगरनाथ महतो को याद किया. वे अपने माथे पर रखे आंचल को संभालती, कभी कागज को उलटती और फिर सदन की कार्यवाही देखती. वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ठीक पीछे मंत्री बादल पत्रलेख के साथ बैठी हुई थी. इस दौरान मुख्यमंत्री ने जगरनाथ महतो को टाइगर के रुप में संबोधित कर उनको याद किया और कहा कि जगरनाथ दा की कमी हमेशा खलेगी. सीएम के अलावा आलमगीर आलम, विरंची नारायण, सुदेश महतो, प्रदीप यादव, सत्यानंद भोक्ता, बिनोद सिंह समेत अन्य दलों के नेता को याद किया. (नीचे भी पढ़ें)

भाजपा विधायकों ने किया सदन के बाहर प्रदर्शन
मानसूम सत्र के दौरान भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के पहले ही विधायकों ने मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया. भाजपा के विधायक सदन के बाहर माकपा नेता सुभाष मुंडा की हत्या का विरोध कर रहे थे. भाजपा के सारे विधायकों ने नारेबाजी की. भाजपा विधायकों का कहना है कि हेमंत सोरेन की सरकार अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह फेल है. इस सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए. वहीं भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि सुभाष मुंडा की हत्या की सीबीआइ जांच होनी चाहिए और अगर यह सरकार सीबीआइ जांच नहीं करवा सकती है तो इस्तीफा दे दें क्योंकि विधि व्यवस्था कायम करने में सरकार पूरी तरह से फेल है. राज्य की जनता का भरोसा कैसे कायम होगा. कई घटनाएं हुई है, जो आदिवासी बेटा है उसके ऊपर गोलियां बरसाई जा रही है. सीबीआइ जांच हो. राज्य में समाजिक कार्यकर्ता हो, राजनीतिक कार्यकर्ता हो या महिला हो सबको सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है. राज्य की जनता को भ्रमित किया जा रहा है. सीएम से कुछ कंट्रोल नहीं हो रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

कांग्रेस विधायक ने अडाणी के खिलाफ किया प्रदर्शन
कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने अडाणी के खिलाफ प्रदर्शन किया. सत्ता पक्ष से बड़कागांव के कांग्रेस विधायक अम्बा प्रसाद भी हाथों में तख्ती लिए धरना पर बैठी. तख्ती में लिखा था अडानी वापस जाओ. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा बड़कागांव प्रखंड में गोंदलपुरा एक पंचायत है जिसमें अडाणी कैसे भी प्रवेश करना चाहती है. ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. ग्रामीण नहीं चाहते कि अडाणी यहां आये फिर जबरन नहीं होना चाहिए. अडाणी फर्जी मुकदमे कर रही है. इलाके में फूट डालो और राज करो की नीति पर काम कर रही है. अडाणी को वहां नहीं आने चाहिए. ग्रामीणों ने अडाणी के खिलाफ बहुत बड़ी रैली निकाली थी. लोगों पर झूठे मुकदमे किए जा रहे हैं. वहां किसानों की जमीन है वह खेती करते हैं। वह जमीन नहीं देना चाहते. (नीचे भी पढ़ें)

सोमवार से 4 अगस्त तक होगा सत्र
विधानसभा के सत्र में 29 और 30 जुलाई को अवकाश रहेगा. 31 जुलाई को प्रश्नकाल होगा, वित्तीय वर्ष 2023-2024 के पहले अनुपूरक व्यय विवरणी का उपस्थापन होगा. 1 अगस्त को भी प्रश्नकाल होगा, फिर 2023-2024 के पहले अनुपूरक व्यय पर सवाल-जवाब होंगे. फिर वोटिंग, तत्संबंधी विनियोग विधेयक का उपस्थापन और पारण होगा. 2 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय होंगे. 3 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय होंगे. 4 अगस्त को भी प्रश्नकाल होगा, राजकीय विधेयक और राजकीय कार्य होंगे.




