
रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने कहा कि दुखद है कि सरकार की तिजोरी में ही चोरी हो रही है. बालू घाट हो, कोयला हो या पत्थर उत्खनन हो सभी में राजस्व की चोरी हो रही है. सरकार को टैक्स नहीं मिल रहा है. जेब मे पैसा भरने वाले का मनोबल बढ़ा हुआ है. मंत्रियों को बयान देने के लिए फ्री-लांसिंग मिली हुई है. सदन में कुछ बोलते हैं और सदन के बाहर कुछ और बोलते हैं. उन्होंने कहा कि कौन मंत्री कैसा हैं, उनकी कार्यशैली कैसी है, इनके कारनामे पर विचार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक मंत्री पर विशेषाधिकार का मामला चल रहा है. उस मंत्री ने पहले एक अधिकारी को बर्खास्त करने की अनुशंसा की और बाद में उसी अधिकारी को अपने जिले में बैठाकर रखा है. कहा कि बजट लाख करोड़ का बनाइये या इससे भी ज्यादा जब तक ऐसे लोगों पर अंकुश नहीं लगेगा तब तक बजट कारगर नहीं होगा. सरयू राय ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले पर अंकुश नहीं लगेगा. एसीबी जांच में आई रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक बजट जनता तक नहीं पहुंचेगी. सरयू राय ने कहा कि 1932 के ख़ातियान को यदि स्थानीयता का आधार बनाना है, तो बनाइये लेकिन जब इसी मामले पर मुख्यमंत्री का सदन में यह बयान आता है कि न्यायालय के निर्देश का आकलन हो रहा है, जब इसे लागू करना है तो मुख्यमंत्री को यह नहीं कहना चाहिए कि कोर्ट के निर्णय पर विचार हो रहा है. समरूप बातें होनी चाहिए. भाषा का विवाद नहीं होना चाहिए. आपको बता दें कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के खिलाफ खुद सरयू राय ने गलत जराब देन के लिए विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया है, जिस पर विधानसभा ने संज्ञान भी लिया है. स्वास्थ्य मंत्री पर ही सरयू राय हमलावर है क्योंकि जमशेदपुर के सिविल सर्जन एके लाल झंझारपुर विधानसभा सीट (बिहार) से चुनाव लड़े थे और एके लाल के खिलाफ जांच की जा रही थी, लेकिन उनको जमशेदपुर का सिविल सर्जन बना दिया गया. इस मसले को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है.





