
रांची : झारखंड में सियासी भूचाल मचाने के बाद लगातार दस्तावेज के माध्यम से खुलासा करने वाले विधायक सरयू राय विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति के साथ त्रिपुरा के दौरे पर गये हुए है. वे वहां से ही रोज नया दस्तावेज सामने ला रहे है. मंगलवार को वे त्रिपुरा में झारखंड के अपर मुख्य सचिव एल ख्यांगते मिज़ोरम की राजधानी आईजोल में मिले. इस मौके पर इतिहास की जानकारी दी गयी, जिसमें श्री राय को बताया कि अंग्रेज यहां 1860-80 में आए. क़ब्ज़ा जमाया. तब यहां आदि धर्म था, अपनी लिपि नहीं थी. बाद में मिशनरी आए. ईसाई पंथ फैला. अब मिज़ोरम शांत है, विद्रोह नहीं है. आईजोल रेलवे से जुड़ रहा है. विकास में केन्द्र सहयोगी है. इसके बाद वे संविधान की छठी अनुसूची से आच्छादित राज्य त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मानिक सरकार से मुलाकात की. श्री सरकार ने श्री राय को बताया कि राज्य में आदिवासी आबादी 31% हैं.यहाँ की 61% ज़मीन आदिवासी के पास है. 1949, 1971 में बांग्लादेश से लाखों शरणार्थी आए. आवाज़ें उठीं, समाधान हुआ. अब सदभाव और शांति है. सरयू राय के साथ इस कमेटी में झामुमो विधायक मथुरा महतो, भाजपा विधायक अनंत ओझा समेत अन्य विधायकों की पूरी टीम है. विधानसभा कमेटी 30 अप्रैल तक असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और त्रिपुरा के प्रवास में रहेंगे.




