रांची : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खूंटी से दक्षिणी छोटानागपुर में भाजपा के परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की. इस मौके पर भाजपा के झारखंड प्रदेश के सह चुनाव प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, खूंटी के पूर्व सांसद कड़िया मुंडा, नीलकंठ सिंह मुंडा समेत ग़न्य नेता मौजूद थे. इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि इंडी अलायंस की और कांग्रेस पार्टी महाभ्रष्ट पार्टी है. अलगाववादी तत्वों को, राष्ट्र विरोधी तत्वों को पनाह देने वाली, उनको उत्साह देने वाली, उनकी परवरिश करने वाली पार्टी है. ये कांग्रेस पार्टी प्रदेशों को भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण की रणनीति, परिवारवाद से ग्रसित करने का काम किसी ने किया तो वो कांग्रेस पार्टी ने किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस से हमारे हेमंत सोरेन जी ने भी सीखने में कोई कसर नहीं छोड़ी. आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई पार्टी बन गई. (नीचे भी पढ़ें)

युवाओं के साथ छल किया. परिवारवाद को बढ़ावा दिया। और अपने ही परिवार में जो पराए दिखे उनको अलग करने का काम किया. भ्रष्टाचार नें रिकॉर्ड तोड़ने का काम झामुमो ने किया. ये आवश्यक है मित्रों कि झारखंड को झारखंड मुक्ति मोर्चा से, कांग्रेस से, राजद से मुक्ति दिलानी होगी। ये ग्रहण की तरह झारखंड पर लगे हुए हैं. ये कहते कुछ है करते कुछ हैं. इनको भेजना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. हमें आपके साथ की आवश्यकता है. इस परिवर्तन यात्रा की शुरुआत सिद्धो कान्हो की धरती से अमित शाह ने की। आशा करता हूं कि आप इस परिवर्तन को सफल बनाएंगे. ये परिवर्तन यात्रा मां, बेटी, रोटी, आदिवासी की रक्षा की यात्रा है. ये परिवर्तन यात्रा हमारे भोले भाले अदिवासी भाई की हक की सुरक्षा करने की यात्रा है. ये परिवर्तन यात्रा हमारी मां बेटी की सुरक्षा की यात्रा है. ये परिवर्तन यात्रा भोले भाला आदिवासी भाईयों के जमीन को हड़पने का षडयंत्र रच रहे हैं उनसे सुरक्षा दिलाने के लिए आवश्यक है. ये यात्रा संकल्प लेने की यात्रा है कि जिन लोगों ने भी आदिवासी भाईयों के साथ छल किया है. उनको कानून के दायरे में कार्रवाई की जाएगी. जिसकी जगह जेल में होगी उन्हें जेल भेजा जाएगा. जेपी नड्डा हेमंत सोरेन पर हमलावर होते हुए बोले कि जब झामुमो आदिवासी अस्मिता की बात करता है तो उसकी अस्मिता अपने परिवार तक सीमित है. क्या चंपाई सोरेन आदिवासी नहीं थे. क्या सीता सोरेन आदिवासी नहीं है. क्या उनकी रक्षा करना उनका काम नहीं था. (नीचे भी पढ़ें)

उनको अपमानित क्यों किया गया. जिनको आपने मुख्यमंत्री बनाया वो आपको छोड़ कर चला जाता है. आप इतना अपमान करते हो. आदिवासी की अस्मिता की बात करते हो. जिस तरह से उनको आहत किया गया. जिस तरीके से उनका अपमान किया गया. हेमंत सोरेन के पिता जी गुरुजी शिबू सोरेन के साथ जिन्होंने आंदोलन किया, वह भी उनको छोड़कर चले गये. एक बात याद रखिएगा आदिवासियों की हित की किसी ने रक्षा की है तो वो अकेली भारतीय जनता पार्टी है. याद करो वो दिन जब आप वनांचल की बात करते थे. जब आप बात करते थे कि हमारा राज्य बिहार से अलग हो. क्या उस समय कांग्रेस आपका साथ देती थी. क्या कांग्रेस ने इसका विरोध नहीं किया था. उस समय के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने इसका विरोध नहीं किया था. अगर झारखंड के साथ कोई सदा खड़ा रहा तो वो भारतीय जनता पार्टी थी और झारखंड को अलग राज्य का तोहफा देने का मौका, भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी ने हमको झारखंड दिया. आदिवासियों की चिंता किसी और ने नहीं की बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने की है. (नीचे भी पढ़ें)

दशकों तक बिरसा मुंडा का त्याग इनको याद नहीं आया
श्री नड्डा ने कहा कि बिरसा मुंडा का बलिदान आपको याद नहीं आया. आप दशकों तक राज करते रहे. आपको याद नहीं आया कि आदिवासियों का गौरव दिवस भी मनना चाहिए. आपको याद नहीं आया कि बिरसा मुंडा के नाम पर कोई म्यूजियम बनना चाहिए. आपको याद नहीं आया कि जिसने आदिवासी के गौरव के लिए बलिदान दिया उसके नाम पर कोई स्मृति बने. ये काम अगर किसी ने किया तो प्रधानमंत्री मोदी ने किया. 15 नवंबर देश में आदिवासी गौरव दिवस की रूप में मनाया जाता है. 2025 में बिरसा मुंडा जी को 150 साल हो जाएंगे. प्रधानमंत्री ने तय किया है कि वह आदिवासी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जाएगा. कभी किसी ने इसकी कल्पना क्यों नहीं की. अकेले प्रधानमंत्री है नरेंद्र मोदी, जो बिरसा मुंडा के गांव गये. उस मिट्टी को नमण किया. आदिवासी बहन को राष्ट्रपति बनाया गया. सही मायने में आदिवासियों को किसी ने प्रतिष्ठा दी है तो वह हमारे प्रधानमंत्री है. (नीचे भी पढ़ें)
हेमंत सोरेन पर किया हमला
हेमंत सोरेन ने 1 लाख हर परिवार को देने का वादा किया था. 5 लाख नौकरी का वादा किया था. बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था. नव विवाहिता को सोने का सिक्का देने का वादा किया था लेकिन किसी को कुछ नहीं मिला. आये थे जल, जंगल जमीन के नाम पर लेकिन गरीब आदिवासियों के जमीन पर किसी ने कब्जा किया तो वो हेमंत सोरेन की सरकार ने किया. इन्होंने उनके साथ धोखा किया. इनके मंत्री के पीए के नौकर के घर से पैसे निकल रहे हैं. नोट गिनने वाली मशीन भी हाफ रही थी. एक कांग्रेस के सांसद के घर से तीन दिन तक पैसे निकाले गये. 1000 करोड़ रुपये का मनरेगा घोटाला हुआ, 300 करोड़ का जमीन घोटाला हुआ, 1000 करोड़ का खनन घोटाला हुआ. आप हमारी सरकार लाएंगे तो दूध का दूध पानी का पानी होगा. आदिवासियों की संख्या घट रही है. आदिवासियों की संख्या 44 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत रह गई है. रोहिंग्या यहां आ रहे हैं, यहां की बेटियों से शादी कर रहे हैं. उनको बसाया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन को हड़पा जा रहा है. सरकार मूकदर्शक बनकर उनको पनाह दे रही है. उनका आधार कार्ड बना रही है. अगर ये नहीं चलने देना है तो इस परिवर्तन रैली को सफल बनाना है.



