
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा के झीलरुवा क्षेत्र में नक्सलियों ने बड़ी घटना को अंजाम दिया है. यहां आयोजित फुटबॉल मैच के दौरान गुरुचरण नायक पर हमला कर दिया. वह किसी तरह इस घटना के दौरान जान बचाकर भाग निकले जबकि दो बॉडीगार्ड को नक्सलियों ने अपने कब्जे में ले लिया और उनके हथियार को छीन लिया और फिर अपने साथ ले गये है. गुरुचरण नायक गोइलकेरा क्षेत्र के फुटबॉल मैदान से भागकर किसी तरह सोनुआ थाना में पहुंच गये है और वे सुरक्षित है, लेकिन दो बॉडीगार्ड अब भी नक्सलियों के कब्जे में है. मामले की जानकारी मिलते ही सोनुआ पुलिस घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है. वहीं पश्चिम सिंहभूम जिले के एसपी के निर्देश के बाद जिला से अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है. फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी घटनास्थल के लिए निकल चुके हैं. इस हमले में भाजपा नेता गुरुचरण नायक बाल-बाल बच गए हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

बताया जाता जा रहा है कि गुरुचरण नायक फुटबॉल मैदान में खिलाड़ियों से मिलने के बाद अंतिम समय में प्राइज वितरण करने वाले थी कि अंतिम समय में नक्सली वहां पहुंच गये और वहां ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. फायरिंग होते ही बॉडीगार्ड ने उनको बचाकर पीछे भेज दिया और फायरिंग शुरू कर दी. सिर्फ 3 बॉडीगार्ड थे जबकि नक्सली काफी संख्या में थे. लिहाजा, नक्सलियों ने बॉडीगार्ड को सरेंडर कराया और फिर अपने साथ लेकर चले गये और फिर दो बॉडीगार्ड शंकर नायक और हेम्ब्रम को मार डाला जबकि तीनों से एके 47 राइफल लेकर भाग गये. एक बॉडीगार्ड रामकुमार टुडू किसी तरह नक्सलियों के कब्जे से भागने में कामयाब रहे. (नीचे देखे पूरी खबर)

सोनुआ थाना पहुचे पूर्व विधायक गुरुचरण नायक ने बताया कि वे सुरक्षित है. फुटबॉल मैदान के आयोजन में भाग लेकर वे लोग गाड़ी पर बैठने ही जा रहे थे कि नक्सलियों ने हमला कर दिया. वे किसी तरह दौड़कर भाग निकले. बॉडीगार्ड कहा गये है, यह हम नहीं बता सकते है. करीब 10 से 15 नक्सली थे जबकि उनके साथ 3 बॉडीगार्ड थे. उन्होंने कहा है कि नक्सलियों ने बॉडीगार्ड को मार दिया है, ऐसा लगता है. भीड़ के कारण वे वहां से भाग निकले. (नीचे देखे पूरी खबर)

पहले भी गुरुचरण नायक पर हो चुका है हमला, मांगा था अत्याधुनिक हथियार
नक्सलियों के हमले में पहले भी गुरुचरण नायक बच निकले थे. पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड में एक स्कूल भवन का उदघाटन और सड़क का शिलान्यास करने गये गुरुचरण पर एक घंटे के अंदर दो बार हमला कर दिया था. विधायक की सुरक्षा में साथ गयी पुलिस के साथ नक्सलियों की करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग हुई थी. आनंदपुर प्रखंड के नक्सलग्रस्त हरता गांव में यह घटना घटी थी जबकि एक और घटना खटांगबेड़ा गांव में नक्सलियों ने गुरुचरण नायक पर हमला किया था. बच्चों को प्राइज वितरण करने के दौरान उन पर फायरिंग की गयी थी. लगातार फायरिंग के बाद विधायक अपना भाषण बंद कर पैदल ही सुरक्षाकर्मियों के साथ भाग निकले थे. गुरुचरण नायक ने हथियार का डिमांड प्रशासन से किया था. गुरुचरण ने कहा था कि उन पर हमला हो चुका है और फिर हो सकता है हमला, इस कारण उनके साथ अंगरक्षकों को अत्याधुनिक हथियार दिया जाये. (नीचे देखे पूरी खबर)

जमशेदपुर के सांसद समेत अन्य की हो चुकी है फुटबॉल मैदान में हत्या
जमशेदपुर के सांसद रहते हुए झामुमो के सुनील महतो को नक्सलियों ने मार गिराया था. वे भी बागुड़िया में फुटबॉल मैदान में खिलाड़ियों से मिल रहे थे कि अचानक से नक्सलियों ने हमला बोल दिया था, जिसमें सांसद सुनील महतो की मौत हो गयी थी. इस घटना की सीबीआइ की जांच करायी गयी थी, लेकिन इसमें किसी भी व्यक्ति को फांसी तक की सजा नहीं हो पायी. इसके अलावा तमाड़ से विधायक रहते हुए पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा पर फुटबॉल मैच के दौरान एक स्कूल के प्रांगण में ही नक्सलियों ने हमला बोल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गयी थी.













