रांची : लोक सेवक के साथ धक्कामुक्की एवं गाली-गलौज करने, सरकारी काम में बाधा डालने एवं धमकाने का आरोप झेल रहे डुमरी विधायक जयराम महतो को धनबाद एमपीएमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने आज विधायक जयराम महतो के साथ ही सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल की ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को बचाव पक्ष की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत की अर्जी पर बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शाहनवाज व अपक लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने दलीलें पेश कीं. (नीचे भी पढ़ें)
मामले की करीब आधे घंटे तक चली सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने गिरफ्तारी पर अस्थाई रोक लगाने की प्रार्थना की, जिसका अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने विरोध किया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात अदालत ने पुलिस को मामले की केस डायरी दाखिल करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने इस संबंध में गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश देने से भी मना कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर विगत 22 अगस्त को डुमरी विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल,जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो एवं त्रिपुरारि पांडेय सहित अन्य समर्थकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी में आरोप है कि गणेश दास को बरवाअड्डा क्षेत्र के एक मामले में गिरफ्तार कर बरवाअड्डा थाना हाजत में रखा गया था. उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर डुमरी विधायक जयराम महतो करीब 40-50 समर्थकों के साथ वहां पहुंचे. आरोप है कि विधायक जयराम महतो ने वहां प्रस्तुत पुलिस के वरीय अघिकारियों के साथ अभद्रता से पेश आये और अपने समर्थकों से हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए कहा. (नीचे भी पढ़ें)
थाना प्रभारी के अनुसार, इसके बाद जयराम महतो के समर्थक हाजत की ओर बढ़ने भी लगे. उन्होंने बताया कि उनको रोकने के दौरान विधायक जयराम महतो ने उनको धक्का दे दिया और मेज पर मुक्का मारा तथा वहां रखा पदनाम का बोर्ड भी तोड़ डाला. पुलिस ने दावा किया कि थाना परिसर में विधायक के समर्थकों ने हंगामा करते हुए पुलिस कर्मियों के काम बाधा भी डाली.




