जमशेदपुर : टाटा स्टील और टाटा ट्रस्ट्स की संयुक्त पहल तथा हॉकी ऐस फाउंडेशन (एचएएफ) के तहत संचालित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) ने अपने नए गर्ल्स विंग का आधिकारिक रूप से उदघाटन किया. यह नई सुविधा युवा महिला खिलाड़ियों के विकास के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करेगी और उन्हें जमीनी स्तर पर खेल की शुरुआत से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं तक आगे बढ़ने का अवसर देगी. इस अवसर पर मुख्य अतिथि रुचि नरेंद्रन और विशिष्ट अतिथि एम. एम. सोमाया, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवं भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान, उपस्थित रहे. कार्यक्रम में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदरा रामम एवं चेयरमैन, हॉकी ऐस फाउंडेशन भी मौजूद रहे. इस अवसर पर हॉकी ऐस फाउंडेशन के अन्य वरिष्ठ नेतृत्व, टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी, कोच और एचएएफ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी उपस्थित थे. नए हाई-परफॉर्मेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर को पहले वर्ष में 30 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया है, जिसे दूसरे वर्ष में बढ़ाकर 35 खिलाड़ियों तक किया जाएगा. (नीचे भी पढ़े)
इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं हाई-परफॉर्मेंस एवं रिकवरी जिम्नेजियम, फिजियोथेरेपी रूम, मसाज एवं रिकवरी सुइट्स और विशेष रूप से तैयार सेंट्रल किचन/कैंटीन, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग वीडियो एनालिसिस रूम, ऑडियो-विजुअल क्लासरूम और तकनीकी टीम के लिए कार्यालय, आवासीय सुविधा खिलाड़ियों, वार्डन और कोचिंग स्टाफ के लिए विशेष रूप से तैयार आवास की व्यवस्था दिया गया है. इस अवसर पर मुख्य अतिथि रुचि नरेंद्रन ने कहा कि खेल हमेशा से टाटा स्टील की विरासत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और नवल टाटा हॉकी अकादमी जैसी संस्थाओं के माध्यम से यह प्रतिबद्धता आज भी जारी है. टाटा स्टील और टाटा ट्रस्ट्स की यह पहल युवा खिलाड़ियों के लिए एक सुरक्षित और विश्वस्तरीय आवास उपलब्ध कराती है, जहाँ वे सीख सकें, प्रशिक्षण ले सकें और बड़े सपने देख सकें. झारखंड ने भारतीय हॉकी को कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि राज्य की बेटियों को अपनी प्रतिभा को उच्चतम स्तर तक ले जाने के लिए हर अवसर मिले. उन्होंने उम्मीद जताई कि यहाँ की हर युवा खिलाड़ी इस अवसर को गर्व और महत्वाकांक्षा के साथ अपनाएगी. सभा को संबोधित करते हुए एम. एम. सोमाया ने कहा कि हॉकी ऐस फाउंडेशन ने जमीनी स्तर से लेकर रीजनल डेवलपमेंट सेंटर और फिर हाई-परफॉर्मेंस सेंटर के रूप में एनटीएचए तक खिलाड़ियों के विकास के लिए एक मजबूत तीन-स्तरीय व्यवस्था तैयार की है. 10 से 11 वर्ष की उम्र प्रतिभाओं की पहचान के लिए महत्वपूर्ण होती है और यह मॉडल सुनिश्चित करता है कि युवा खिलाड़ियों को हर स्तर पर क्रमबद्ध तरीके से तैयार और विकसित किया जाए. एनटीएचए में स्पोर्ट्स साइंस को शामिल किया जाना हाई-परफॉर्मेंस खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. (नीचे भी पढ़े)
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हॉकी ऐस फाउंडेशन खिलाड़ी के 360-डिग्री विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो इस पहल को असाधारण और वास्तव में अनूठा बनाता है. हॉकी ऐस फाउंडेशन के चेयरमैन डीबी सुंदरा रामम ने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन हॉकी के लिए एक मजबूत और अधिक समावेशी विकास का मार्ग तैयार करने की कंपनी की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. हॉकी ऐस फाउंडेशन का मानना है कि एक खिलाड़ी के विकास के लिए केवल हॉकी मैदान तक पहुंच पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, शिक्षा, पोषण, रिकवरी और सहयोगपूर्ण वातावरण की भी आवश्यकता होती है. यह सुविधा इन सभी पहलुओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराएगी और युवा महिला खिलाड़ियों को पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने में मदद करेगी. हमारा प्रयास केवल बेहतर हॉकी खिलाड़ी तैयार करना ही नहीं, बल्कि ऐसे सर्वांगीण व्यक्तित्व का निर्माण करना है, जो खेल से आगे के जीवन के लिए भी तैयार हों. पिछले कुछ वर्षों में जमशेदपुर और भुवनेश्वर में हॉकी ऐस फाउंडेशन के कार्यक्रमों ने भारतीय हॉकी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इन कार्यक्रमों से जुड़े कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. ऐसे में, जमशेदपुर स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) में गर्ल्स विंग का उद्घाटन केवल एक नई आवासीय सुविधा की शुरुआत नहीं है. यह युवा लड़कियों के लिए हॉकी में आगे बढ़ने का एक मजबूत मार्ग तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहाँ उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहयोग, बुनियादी सुविधाएँ और अनुकूल वातावरण मिलेगा.




