नई दिल्ली : हिन्दू से कन्वर्ट होकर मुस्लिम बना कोई व्यक्ति ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं ले सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखते हुए दिया है, जिसमें तमिलनाडु सरकार के धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने लोगों को आरक्षण देने के फैसले को रद्द कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर इस मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को धर्म परिवर्तन और जाति आधारित आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू सामाजिक व्यवस्था में पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़े किसी व्यक्ति को दूसरा धर्म अपनाने के बाद उसी आधा3र पर आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता. कोर्ट के अनुसार, हिंदू जाति व्यवस्था के तहत व्यक्ति की सामाजिक पिछड़ेपन की स्थिति दूसरे धर्म में जाने के बाद अपने आप स्थानांतरित नहीं होती है. (नीचे भी पढ़ें)
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है. उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार के धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने लोगों को आरक्षण देने के फैसले को रद्द कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर इस मामले में दाखिल याचिका खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल पहले किसी पिछड़े वर्ग या अनुसूचित जाति से जुड़े होने के आधार पर दूसरे धर्म में जाने के बाद आरक्षण का दावा नहीं किया जा सकता. यह फैसला हिंदू सामाजिक व्यवस्था में जाति आधारित सामाजिक पिछड़ेपन और दूसरे धर्म में परिवर्तन के बाद आरक्षण के लाभ से जुड़े मामले में आया है.





