
मेदिनीनगर : पलामू के तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार के 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने पर व्यवहार न्यायालय के वर्ग तीन व चार के कर्मियों की ओर से विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में पीडीजे विजय कुमार ने कहा कि सेवानिवृत्ति एक सामान्य प्रक्रिया है। सरकारी नौकरी में आने के बाद सेवानिवृत्ति की तिथि निश्चित हो जाती है। बेदाग रूप से काम कर सेवानिवृत्ति पाना ही नौकरी का असली मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग साढे तीन साल तक अपनी सेवा दी। सभी को सम्मान के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि बहुत कुछ हमें यहां सीखने का मौका मिला है। अच्छे कर्मियों के साथ काम करने से काम का निस्तारण भी दिखता है। रतन ओझा ने कहा कि पीडीजे के नेतृत्व में हम सभी को काम करने का बेहतर तरीका सीखने को मिला। साथ ही जो इनके द्वारा सम्मान और प्यार मिला है, उसे हमलोग भुला नहीं सकते हैं। पीडीजे काफी सुलझे, मेहनती व कर्तव्य के प्रति संवेदनशील रहे हैं। हमलोग इनकी जितना भी प्रशंसा करें कम है। कर्मियों ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। विदित हो कि पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार का पलामू में यह दूसरा कार्यकाल था। श्री कुमार ने इससे पूर्व यहां मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के रूप में अपनी सेवा दी थी। उसके बाद इन्हें यहीं पर पदोन्नति जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में मिली थी। पलामू में ये दोबारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में उनकी पदस्थापना की गई थी। श्री कुमार लगातार साढ़े तीन वर्षों तक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहे। इस अवसर सभी न्यायिक पदाधिकारियों के अलावा उदय कुमार वर्मा, सतीश कुमार, अनिल कुमार सिंह, संजीव सिंह, राम बाबू पांडेय, अनिल कुमार मिश्रा, मो आरिफ, अखिलेश कुमार, अभिषेक कुमार समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।






