सरायकेला : सरायकेला- खरसावां जिला के राजनगर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. शुक्रवार देर शाम डांडू गांव में मिट्टी से बना एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके नीचे घर में मौजूद पूरा परिवार एवं आए मेहमान सहित कुल दस सदस्य दब गए. हादसे की आवाज सुन कर पहुंचे पड़ोसियों ने हिम्मत दिखाते हुए हाथों और औजारों से मिट्टी हटाकर दबे लोगों को बाहर निकाला. लगातार हो रही वर्षा के कारण हुए कीचड़ में बचाव कार्य बेहद कठिन रहा, लेकिन ग्रामीण दबे लोगों को बाहर निकलने में जुट गए. इसके बाद सभी को 108 एम्बुलेंस से राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर एमजीम अस्पताल रेफर कर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

वहीं खबर पाकर बीडीओ मलय कुमार एवं झामुमो केंद्रीय सदस्य विशू हेंब्रम भी रादनगर सीएचसी पहुंचे और मरीजों की स्थिति की जानकारी ली. घायलों को वहां से रेफर कराने के बाद दोनों घटना स्थल पर भी गए और हालात का जायजा लिया. स्थानीय मुखिया सानो टुडू भी घटना स्थल पहुंचे. (नीचे भी पढ़ें)

हादसे में दौरान मकान मालिक संतोष लोहार (35 वर्ष) उसकी पत्नी भानु लोहार (32 वर्ष), बेटी प्रतिमा लोहार (19 वर्ष), बेटा सपन लोहार (14 वर्ष), बेटी संध्या लोहार (12 वर्ष), छोटा बेटा शिवम लोहार (4 वर्ष) के अलावा मायके आई राजनगर के खोखरो गांव निवासी संतोष की बहन शांति (27 वर्ष), उसकी बेटी पूनम (12 वर्ष) और बेटा प्रवीण (7 वर्ष) घर के अंदर मौजूद थे जो सभी मकान के मलबे के नीचे दब गए. इनके अलावा संतोष का साला, ओडिशा निवासी लक्ष्मण बिन्धानी (27 वर्ष) भी हादसे में मकान के मलबे में दब गया. (नीचे भी पढ़ें)
राजनगर सीएचसी में इलाज के लिए भर्ती दस लोगों का प्राथमिक उपचार करने के पश्चात चिकित्सकों ने बताया कि घायलों में मां- बेटे की हालत नाजुक है. इसके आलवा अन्य पांच को भी बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
ग्रामीणों का कहना है कि विगत कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कच्चे मकान कमजोर हो गए हैं. डांडू गांव का यह घर भी बारिश का दबाव झेल नहीं पाने के कारण ही भरभराकर गिर गया. ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई अन्य मकान भी खतरनाक स्थिति में हैं. हादसे को लेकर पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग सहमे हुए हैं.











