
कांड्रा : सरायकेला-खरसावां जिला के कांड्रा थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर रहनेवाले एक शख्स, जिसका नाम दयाल लायक है. ये खुद को पत्रकार बताता है. इसकी प्रताड़ना से तंग आकर गम्हरिया निवासी धनंजय दास कभी भी आत्महत्या कर सकते हैं. कारण कि दयाल ने तीन वर्ष पूर्व धनंजय दास से पांच लाख रुपए उधार लिया था. इसके लिए उसने कोर्ट में एग्रीमेंट भी किया था, लेकिन जब धनंजय दास ने दयाल से पैसों की मांग की तो, उसने पैसे लौटाने से साफ इंकार कर दिया. पीड़ित के अनुसार वह और उसका परिवार काफी तनाव के दौर से गुजर रहा है. कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है. पीड़ित एक व्यवसाई है और पिछले साल से ही लॉकडाउन के कारण व आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है. महाजनों का कर्ज काफी बढ़ गया है. पीड़ित ने बताया कि वह खुद को एक पत्रकार बताता है और पत्रकारिता का धौंस दिखाकर स्थानीय थाना भी उसका केस लेने से मना कर रहा है. इस संबंध में जब हमने आरोपी दयाल से जानने का प्रयास किया तो उसने खुद पर लगे सारे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हमने सारे पैसे वापस कर दिए हैं. हालांकि कैमरे से वह बचता नजर आया. अब सवाल यह उठता है कि आखिर सही कौन है? स्थानीय पुलिस तक अब तक मामला क्यों नहीं पहुंचा है. बहरहाल ऐसे मामलों पर अगर गंभीरता नहीं दिखाई जाती है, तो कभी भी अनहोनी हो सकती है.





