
सरायकेला : जिला के कुकड़ू प्रखंड सभागार में शनिवार को भारत सरकार के स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कचरा प्रबंधन को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया. वही पोषण अभियान के तहत पोषण मेला का भी आयोजन किया गया. जिसमें प्लास्टिक के दुष्प्रभाव पर चर्चा हुई. प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी गई. वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शशिभूषण महतो ने बताया कि कचरा का कैसे प्रबंधन किया जाए. वहीं उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक एवं थर्माेकोल से मानव जीवन पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है. इससे गंदगी तो फैलती ही है, मानव जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इस दौरान बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान के तहत व्यंजन प्रदर्शनी लगाकर सही पोषण के बारे में लोगों को जानकारी दी गई. मेले में आई ग्रामीण महिलाओं को कुपोषण से बचने के लिए आयरन युक्त हरे पत्तेदार साग, सब्जी व प्रोटीन के लिए अरहर, मसूर, चना आदि के दाल और पौष्टिक भोजन का सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. इसके साथ ही शुद्ध पेयजल का उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी गयी. गंदगी से बचने के लिए ग्रामीण महिलाओं को भोजन से पहले व भोजन के बाद और शौच के बाद अच्छी तरह से हाथ को साबुन व राख से धोने की जानकारी दी गयी. वहीं गर्म भोजन करने के बारे में बताया गया. इधर, घर के आसपास गंदगी से फैलने वाली बीमारी से बचने के लिए घर व घर के आस-पास साफ-सफाई रखने के बारे में बताया गया. इसके बाद मेले में आयी महिलाओं व स्कूल के बच्चों को कुपोषण मुक्त हो देश हमारा का संकल्प दिलाया गया. पूरे कार्यक्रम का संचालन सुधीर कुम्भकार ने किया.



