
सरायकेला : जिले के चांडिल दलमा सेंचुरी की तराई में बसे मकुलाकोचा, तुलिन, कदमझोर, काठझोड़ सह दर्जनों आदिवासी बहुल गांव के लोग आए दिन हथियों के आक्रमण से दहशत में रहते हैं. फुसरी और दलमा में गजराज के आतंक को देखते हुए ग्रामीण निजी स्तर से 120 फिट की ऊँचाई पर कुशुम के पेड़ में मचान बनाया है. जहां शाम होते खेत मालिक परिवार के दो से तीन लोग टॉर्च और पटाखे आदि लेकर रात में पहरेदारी करते हैं. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)

लोगों का कहना है कि जंगल से 8 -15 की संख्या में हाथी उतरते हैं, और खेत मे लगी फसल को चट जाते हैं, और घरों को भी नुकसान पहुंचाते हैं. जान माल की क्षति और वन विभाग की उदासीनता को देखते हुए लोगों ने अपनी रक्षा खुद करने का निर्णय लिया है, अब ऊंचे पेड़ों पर मचान बांधकर हाथियों को गांवमें घुसने से रोकने की कोशिश में लगे हैं.





