
जमशेदपुर : कोल्हान की बड़ी औद्योगिक और व्यवसायिक संगठन सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधिमंडल अध्य्क्ष विजय आंनद मूनका के नेतृत्व में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव सह भू-राजस्व सचिव एल खियांगते, पर्यटन सचिव डॉ अमिताभ कौशल, निदेशक उद्योग जितेंद्र सिंह से मिल कोल्हान प्रमंडल में विकास के नये आयाम स्थापित करने का अनुरोध किया तथा सुझाव पत्र सौपा.
मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से हुई मुख्य बातें:
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि जमशेदपुर या उसके आसपास एयरपोर्ट की अनुपलब्धता के कारण कोई भी नया बड़ा उद्योग इस जिले में नहीं आ रहा है तथा यहां के लोगों को अन्य स्थानों के यात्रा करने के लिये अधिक समय और अधिक व्यय करना पड़ता है. अगर एयरपोर्ट की स्थापना इस क्षेत्र में होती है तो निश्चित तौर पर इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों के नये आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने उद्योगों हेतु डीवीसी के बिजली की आपूर्ति बहाल करने की मांग की. उन्होंने कहा कि कोल्हान प्रमंडल ( पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा में बड़ी ऑटोमोबाईल उत्पादन वाली कंपनी जो दो चक्का, तीन चक्का, चार चक्का, ट्रैक्टर आदि का निर्माण करती हो उन्हें आमंत्रित करके उद्योग लगाने हेतु प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि यहां पर अवस्थित लघु उद्योगों को भी बाजार मिल सके एवं राजस्व, रोजगार की बढ़ोतरी हो. जैसा कि आपको ज्ञात है कोल्हान प्रमंडल के उद्योगों हतु डीवीसी की बिजली नहीं है जिस कारण उद्योगपति यहां पर नये उद्योग लगाने में बहुत कम रूचि ले रहे हैं. विशेषकर वैसे उद्योग जिनका प्रमुख रॉ मैटेरियल बिजली ही है वो कोल्हान से अपना उद्योग बंदकर के दूसरे डीवीसी वाले क्षेत्रों में जा रहे हैं. बाजार समितियों को भंग कर वर्षों से काम कर रहे व्यापारियों की एक कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी बनाकर बाजार समिति के रख-रखाव एवं विकास की जिम्मेदारी उन्हें देने की अपील की एवं कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह झारखंड में भी वर्षों से कार्यरत व्यापारियों को बाजार समिति में बनी दुकानें लीज पर दी जानी चाहिए एवं बाजार समितियों में किसान एवं व्यापारी विश्राम गृह, कृषि उपजों के भंडारण हेतु वेयरहाउस एवं कोल्ड स्टोरेज का निर्माण अति आवश्यक बताया.
भू-राजस्व सचिव एल. खियांगते से हुई मुख्य बाते:
जमशेदपुर स्थित टाटा कमांड एरिया में आने वाले क्षेत्र में दुकान या मकान का रजिस्ट्रेशन वर्तमान में बंद होने की जानकारी उन्हें दी. उन्होंने बताया कि एक ओर यहां के लोग बहुकीमती संपत्ति खरीदने में हिचक रहे हैं और राज्य सरकार को राजस्व की काफी हानि हो रही है तथा जमशेदपुर का विकास भी ठहर सा गया है. प्रतिनिधिमंडल में अनुरोध किया कि जिस भी किसी जमीन अथवा मकीन की खरीद बिक्री हो रही है जिसकी रजिस्टरी के साथ म्यूटेशन भी किया जाना चाहिए, खासमहल जमीन की नवीकरण करने का अनुरोध किया.
पर्यटन सचिव डॉ अमिताभ कौशल से हुई मुख्य बाते:
सिंहभूम चैम्बर ने उन्हें कोल्हान प्रमंडल में पर्यटन की छेत्र में अनेक संभावनाओं के बारे में बताते हुए कहा की उचित तरीके से विकसित किया जाय तो यह जिला औद्योगिक क्षेत्र के अलावा पर्यटन के क्षेत्र में भी सिरमौर हो सकता है जैसे घाटशिला, बुरूडीह, हाता, नरवा क्षेत्र आदि. उन्होंने बताया कि चांडिल डैम में उच्च स्तर के तरह-तरह के खान-पान के रेस्टोरेंट की व्यवस्था हो, चांडिल डैम के आसपास कुछ कमरे का एक गेस्ट हाउस बने ताकि इस राज्य के अलावा निकटवर्ती राज्यों के पर्यटकों को भी आकर्षित कर सके साथ ही साथ वाटर स्पोर्टस की भी व्यवस्था सुनिश्चित हो. वर्तमान में पर्यटकों के लिये यहां किसी प्रकार की शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है उसके लिए भी उचित व्यवस्था की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि दलमा के प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण एवं प्राचीन शिव मंदिर होने के कारण इस स्थान का अलग ही महत्व है परंतु आधारभूत संरचनाओं जैसे, पक्की सड़क, स्ट्रीट लाईट, सुरक्षा व्यवस्था, पीने का पानी, शौचालय एवं अन्य कारणों से लोग परिवार सहित नहीं जा पाते हैं एवं ट्रैकिंग हेतु उचित व्यवस्था हो लेकिन अगर उपरोक्त वर्णित सुविधाओं पर ध्यान दिया जाय तो यह भी एक उत्कृष्ट पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है. उन्होंने बताया कि दलमा, डिमना रोपवे एनएच 33 होटल वेब इंटरनेशनल के आसपास से दलमा अथवा डिमना तक रोपवे और केबुल कार की व्यवस्था हो जाने से कोल्हान में पर्यटन को नये आयाग मिल सकती है. साथ ही कांदरबेड़ा स्थित डोबो के पास सतनाला डैम को भी विकसित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि घाटशिला स्थित बुरूडीह डैम में नौका विहार, वाटर स्पोर्टस गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, शौचालय की उचित व्यवस्था से यह डैम भी पर्यटन के रूप में स्थापित हो सकता है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत गोईलकेरा के नजदीक शिवजी का स्वयंभू शिवलिंग होने के कारण यह स्थान भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है. यहां भी उचित आधारभूत संरचनाओं जैसे, बिजली, पीने का पानी, सड़क, खानपान की व्यवस्था, रूकने हेतु गेस्ट हाउस इत्यादि. चैम्बर अध्यक्ष ने बताया कि पर्यटन सचिव ने कहा की सरकार पर्यटन के छेत्र में सकारात्मक पहल करेगी एवं डिमना से दलमा तक रोपवे का निर्माण भी जल्द करवाने का आश्वासन दिया.
जितेंद्र सिंह, उद्योग निर्देशक से हुई मुख्य बाते:
उन्होंने बताया कि झारखण्ड मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को कारगर बनाना एवं उचित दर पर सरकार द्वारा तय कर एमएसएमई के अंतर्गत आने वाले स्टील प्लांटों को आयरन ओर और कोयला मुहैया कराया जाये. एमएसएमई स्टील उत्पादकों का क्रेडिट तक आसान पहुंच हो. बड़े उद्योगों को 2 प्रतिशत से 3 प्रतिशत तक ब्याज दर में उपलब्ध ॠण एमएसएमई को भी मिले. वहीं बेतहाशा वृद्धि के कारण एमएसएमई ( स्टील उत्पादक) को अपने कच्चे माल हेतु करीब दोगुना फंड की व्यवस्था करनी पड़ रही है, स्टील बनाने का जो लागत खर्च है वो दोगुना हो गया है. लेकिन पूर्व की भांति भी लागत खर्च नहीं बच पा रहा है. इस पर गंभीरता से सरकार को विचार कर निदान निकाले तब ही बाजार के प्रतिस्पर्द्धा में कुछ हद तक एमएसएमई ( स्टील उत्पादक ) टिक पायेगा. उन्होंने जमशेदपुर जियाडा के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र में संरचना में सुधार, खराब पड़े स्ट्रीट लाईट्स की मरम्मत, सिवरेज लाईन एवं पेयजल पाईप बिछाने हेतु खोदे दिये गये सड़क का पुर्ननिर्माण, आदि की समुचित व्यवस्था करने का आग्रह किया. उन्होंने बिजली से संबंधित झारखण्ड वितरण निगम लिमिटेड से अनुरोध करते हुए बताया कि उद्योगों हेतु हर मौसम में 23 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ग्रीन सेस और इलेक्ट्रसिटी ड्यूटी की दर को कम किया जाना चाहिए, जुस्को द्वारा नये कनेक्शन हेतु इंस्टालेशन चार्ज को कम किया जाना चाहिए. उन्होंने माइक्रो लैंड कलस्टर की स्थापना हेतु पांच हजार से दस हजार वर्गफीट तक के जमीन आवंटन करने की मांग की जिससे छोटे / नये उद्योगपतियों को सरकारी मूल्यों पर आसानी से भूमि मिल सके. सिंहभूम चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि व्यापार, उद्योग, राजस्व एवं जनहित में उपरोक्त बिंदुओं पर सरकार निर्णय लेगी एवं झारखंड पर्यटन के क्षेत्र में चौमुखी विकास स्थापित करेगा. प्रतिनिधिमंडल में सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय आनंद मुनका, मानद महासचिव मानव केडिया, उपाध्यक्ष ट्रेड एवं कॉमर्स नितेश धूत, सचिव पीआरडब्लू भरत मखानी उपस्थित थे.








