
जमशेदपुर : टाटा स्टील की ओर से उत्पादकता सप्ताह (प्रोडक्टिविटी वीक) की शुरुआत हो गयी. इसके तहत इस साल का थीम है उत्पादकता के माध्यम से आत्मनिर्भरता. उत्पादकता दिवस की शुरुआत की गयी. टाटा स्टील की ओर से फरवरी के हर साल उत्पादकता सप्ताह का आयोजन किया जाता है. नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल के निर्देशों के मुताबिक, इसको विकसित किया जाता है. इसका उद्देश्य है कि कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच उत्पादकता के प्रति जागरूक करना होता है. इसकी शुरुआत वर्चुअल माध्यम से टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज चाणक्य चौधरी और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने संयुक्त रुप से किया. इस मौके पर अपने संबोधन में वीपी सीएस चाणक्य चौधरी ने कहा कि कोरोना के चक्कर में इन सारी मूल भावनाओं को याद रखना है, जिससे सुधार हमेशा होती रहती है. कंपनी को जो आगे ले जा सके, उस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम कितने कुशल और उत्पादक हैं, इस सवाल का जवाब तभी दिया जा सकता है, जब व्यापार चक्र नीचे हो. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुनु ने कहा कि 25 से 30 सालों में परिदृश्य काफी ज्यादा बदला है. वैश्विकरण और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में टाटा स्टील में उत्पादकता में लगातार सुधार किया गया है और इस सुधार को निरंतर जारी रखा जायेगा. परिचालन की दक्षता में सुधारों पर श्री चौधरी ने जोर दिया. उत्पादकता सप्ताह का समापन 18 फरवरी को होगा. 14 फरवरी को उद्योगों के विशेषज्ञों का सम्मेलन आयोजित होगा. इसमें सिप्ला के ग्लोबल हेड और सीनियर डायरेक्टर सुनील कुमार और यूमैटर कंसल्टिंग के कार्यकारी निदेशक अनिरुद्ध गांगुली को आहूत की गयी है. सर्वोत्तम उत्पादकता सुधार परियोजना, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, वीडियो निर्माण प्रतियोगिता पर प्रभागों के बीच उत्पादकता प्रतियोगिता जैसी विभिन्न पहल पूरे संगठन में केंद्रीय रूप से आयोजित की जाएंगी. उत्पादकता सुधार के महत्व पर कर्मचारियों को जागरूक करने और जागरूकता पैदा करने के लिए नारा-कविता, पोस्टर-निबंध जैसी पहल भी बाहरी स्थानों में आयोजित की जा रही हैं







