जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल महामंत्री एनएल कुमार के नेतृत्व में नई दिल्ली पहुंचा और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) के महामंत्री एम राघवैया से मुलाकात की. बैठक में दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन के रेलकर्मियों से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई.प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या के अनुपात में क्वार्टर बेहद कम हैं, जिससे कर्मचारियों को बाहर महंगे किराए पर रहना पड़ रहा है.(नीचे भी पढ़े)
आवासीय भत्ता प्रक्रिया को जानबूझकर उलझाया गया है, जबकि यात्रा भत्ता और ओवरटाइम भुगतान लंबे समय से लंबित है. एस एंड टी विभाग में एचओईआर नियमों के तहत 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने और सीएंडडब्ल्यू, टीआरडी, एस एंड टी विभागों को रिस्क व हार्डशिप भत्ता देने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई.बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पिछली यूनियन चुनाव में मेंस कांग्रेस की हार कर्मचारियों की नाराज़गी से नहीं, बल्कि कुछ भ्रष्ट, अवसरवादी और गद्दार नेताओं की राजनीति का परिणाम थी. .(नीचे भी पढ़े)
इन नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए संगठन को तोड़ा और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की. प्रतिनिधिमंडल ने साफ कहा कि ऐसे तत्वों को संगठन से बाहर कर दिया जाएगा और आने वाले समय में मेंस कांग्रेस को फिर से कर्मचारियों की असली आवाज़ के रूप में स्थापित किया जाएगा. इस मौके पर एनएफआईआर महामंत्री एम राघवैया ने भरोसा जताया कि एनएफआईआर हर परिस्थिति में दपू रेलवे मेंस कांग्रेस के साथ खड़ा है और सही नेतृत्व व समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर संगठन आगामी चुनाव में और भी ताक़तवर होकर मान्यता प्राप्त करेगा.



