जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से दो दिवसीय ओड़िशा दौरे का आयोजन किया गया, जिसमें पहले दिन पुरी तथा दूसरे दिन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से वसीय ओडिशा दौरे का आयोजन किया गया, जिसमें पहले दिन पुरी तथा दूसरे दिन भुवनेश्वर का भ्रमण किया गया. इस विशेष दौरे में चैम्बर के लगभग 50 पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं सदस्यगण शामिल हुए. दौरे के पहले दिन सभी ने पुरी में भगवान जगन्नाथ जी के दर्शन किए, जिसके पश्चात चैम्बर की नौवीं एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें चैम्बर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श हुआ.(नीचे भी पढ़ें)

दौरे के दूसरे दिन सभी सदस्यों ने भुवनेश्वर के खुर्दा रोड स्थित वरुण बेवरेजेस के पेप्सी प्लांट का औद्योगिक भ्रमण किया. प्लांट के हेड ने स्वयं प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए पेप्सी एवं अन्य पेय उत्पादों के निर्माण की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई और प्लांट का भ्रमण कराया. प्रतिनिधिमंडल ने प्री-फॉर्म से बोतल तैयार करने से लेकर उसमें पेय पदार्थों की पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से देखा. विशेष रूप से यह जानकर प्रसन्नता हुई कि वर्ष 2024 में स्थापित इस प्लांट को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ प्लांट का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है. (नीचे भी पढ़ें)
औद्योगिक भ्रमण के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर में दर्शन किए. इसके बाद संध्या समय ओडिशा चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. ओडिशा चैम्बर के अध्यक्ष डॉ तपस पंडा एवं सचिव श्री पटनायक ने सिंहभूम चैम्बर के पूरे प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया. बैठक के दौरान दोनों चैम्बरों के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने तथा भविष्य में संयुक्त गतिविधियों के आयोजन पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके दौरान एक विशेष अवसर पर आइआइएम लखनऊ के डीन के साथ ऑनलाइन चर्चा में भी प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया, जिसमें “वन नेशन वन इलेक्शन” विषय पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए गए. यह संवाद प्रतिनिधिमंडल के लिए एक महत्वपूर्ण बौद्धिक एवं नीतिगत अनुभव रहा. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर डॉ तपस पंडा ने जानकारी दी कि फरवरी 2027 में भुवनेश्वर में माइनिंग फेयर एंड एक्स्पो का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने सिंहभूम चैम्बर को इस आयोजन में सहयोग एवं सहभागिता के लिए आमंत्रित किया तथा दोनों संस्थाओं के बीच इस क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने का आग्रह किया. सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि, “यह ओडिशा दौरा सिंहभूम चैम्बर के लिए एक नए और व्यापक दृष्टिकोण की शुरुआत है. हमने इस यात्रा में आध्यात्मिकता, संगठनात्मक कार्य, औद्योगिक अनुभव और व्यावसायिक सहयोग, चारों पहलुओं को एक साथ जोड़ा. वरुण बेवरेजेस के अत्याधुनिक प्लांट का भ्रमण सदस्यों के लिए विशेष रूप से ज्ञानवर्धक रहा. वहीं ओडिशा चैम्बर के साथ हुई बैठक से दोनों राज्यों के उद्योग एवं व्यापार जगत के बीच सहयोग की नई संभावनाएं सामने आई हैं. भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सदस्यों को नए उद्योगों, नई तकनीकों और नए व्यावसायिक अवसरों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता रहेगी. (नीचे भी पढ़ें)
चैम्बर के महासचिव पुनीत कांवटिया ने कहा कि इस दौरे की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि सीखने, जुड़ने और नए अवसर तलाशने का एक समग्र प्रयास रहा. एग्जीक्यूटिव कमेटी मीटिंग के साथ जगन्नाथ जी एवं लिंगराज मंदिर के दर्शन, वरुण बेवरेजेस का औद्योगिक भ्रमण तथा ओडिशा चैम्बर के साथ संवाद ने इस यात्रा को विशेष बना दिया. आइआइएम लखनऊ के डीन के साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर चर्चा ने कार्यक्रम को एक अलग बौद्धिक आयाम दिया. माइनिंग फेयर एंड एक्स्पो में ओडिशा चैम्बर के साथ सहयोग का प्रस्ताव भी दोनों संस्थाओं के बीच मजबूत होते संबंधों का सकारात्मक संकेत है. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरे में चैम्बर के अध्यक्ष मानव केडिया, महासचिव पुनीत कांवटिया, उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल एवं हर्ष बाकरेवाल, सचिव भारत मकानी, अंशुल रिंगसिया, बिनोद शर्मा एवं सुरेश शर्मा, को-ऑप्टेड सदस्य नंद किशोर अग्रवाल एवं मनोज गोयल सहित आनंद चौधरी, रवि कांत, कौशिक मोदी, प्रतीक अग्रवाल, विष्णु गोयल, अभिषेक नरेड़ी, राहुल अग्रवाल, सुनील जायसवाल, पवन नरेड़ी, मोहित मूनका, जेपी हीरवाल, सुनील बारगोदिया, उमेश खिरवाल, अशोक अग्रवाल, काली शर्मा, महेश सांघी, बबलू अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, राजेश जैसुका, दीपक पटवारी, रमेश अग्रवाल, शंकर सोनी, शुभम सेन, मुकेश मित्तल एवं अन्य सदस्यगण शामिल रहे.




