जमशेदपुर/मुंबई : टाटा समूह की ओर से संचालित एयर इंडिया विमान के अहमदाबाद में हुई दुर्घटना ने टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को झकझोर कर रख दिया है. श्री चंद्रशेखरन को इस घटना ने ऐसा मानसिक पीड़ा दी है कि वे कंपनियों की आमसभा (एजीएम) में भी नहीं जा रहे है. बुधवार 18 जून को टाटा समूह की बड़ी कंपनी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट की आमसभा थी, जिसमें वे शामिल नहीं हुए. वहीं, गुरुवार 19 जून को टाटा समूह की फ्लैगशिपर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की आमसभा (एजीएम) में भी वे शामिल नहीं हुए. हर आमसभा में हाजिर रहने वाले श्री चंद्रशेखरन का नहीं जाना चर्चा का विषय है और कंपनी के सूत्रों ने बताया है कि इसके पीछे बड़ा कारण विमान हादसा ही है. श्री चंद्रशेखरन के लिए सबसे करीबी कंपनी अगर कोई है तो वह टीसीएस ही रही है क्योंकि वे उसके एमडी से लेकर तमाम पदों पर रहे है और उस कंपनी को नीचे से शीर्ष तक पहुंचाया था. लेकिन उसकी भी एजीएम में वे नहीं शामिल हुए. इस दुर्घटना के बाद वे खुद को शर्मिंदा महसूस कर रहे है. इसका जीता जागता उदाहरण तो तब देखने को मिला, जब उन्होंने इस घटना के बाद एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया. उसमें वे काफी हताश, निराश और दुखी दिखे. इस इंटरव्यू में वे पत्रकार के सवालों का जवाब तो दे रहे थे, लेकिन हजारों बार अपनी गलती को स्वीकार करते हुए माफी मांग रहे थे. श्री चंद्रशेखरन की उम्र 62 साल है. वे टाटा संस के अलावा एयर इंडिया के भी चेयरमैन है. उन्होंने अपने इंटरव्यू में कहा है कि उनके कैरियर में कई संकट देखे है, लेकिन यह विमान हादसा उनके कैरियर की सबसे दुखद घटना है. इस हादसे को वे कभी नहीं भूल पायेंगे. उन्होंने कहा कि टाटा समूह अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेगा. एन चंद्रशेखरन ने इस इंटरव्यू के पहले कर्मचारियों को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा था कि हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए और जो कुछ भी हम करते हैं, उसमें दृढ़निश्चयी होना चाहिए. गौरतलब है कि अहमदाबाद में टाटा संस की ओर से संचालित एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गयी थी, जिसमें करीब 270 लोगों की मौत हो गयी थी. इसकी जांच भारत सरकार की ओर से करायी जा रही है. (नीचे भी पढ़ें)
विमान अच्छे कंडिशन में था, पायलट भी अनुभवी थे
एयर इंडिया के विमान हादसे के बाद दिये गये पहले इंटरव्यू में श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया बोइंग 787 ड्रीमलाइनर अच्छी कंडीशन में था, जिसमें कोई मेंटेनेंस में गड़बड़ी नहीं थी. किसी तरह का कोई रेड फ्लैग नहीं दिया गया था. उन्होंने कहा कि उनको खुद से पूरे रिकॉर्ड को चेक किया है. प्लेन, इंजिन, पायलट, सबकुछ ठीक ठाक था. उन्होंने कहा कि इस घटना की सूचना जैसे मिली, दिल बैठ गया और तत्काल दूसरे विमान से अहमदाबाद पहुंच गये. उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में मारे गये लोगों के परिजनों के साथ पूरा टाटा समूह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. उन्होंने बताया कि जहां तक विमान की बात है तो दायां इंजिन मार्च 2025 में ही लगाया गया था. बायां इंजिन 2023 में सर्विस हुग़ा था. दोनों इंजनों का रिकॉर्ड एकदम दुरुस्त रहा था, कोई चेतावनी या गड़बड़ी का नामोनिशां नहीं था. उन्होंने कहा कि विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग और विमान की इंजन बनाने वाली कंपनी जीइ एयरोस्पेस से कहा है कि वो पूरी जांच करें और बताये कि कहीं उनके किसी और वमान में कोई खामी तो नहीं है. उन्होंने कहा कि हमने साफ साफ बताने को कहा है कि कोई रिस्क है तो वो भी सामने लाया जाये ताकि इस तरह की घटना फिर नहीं हो. (नीचे भी पढ़ें)

टाटा समूह का व्यक्ति हर परिवार की देखरेख करेगा
अपने इंटरव्यू में श्री चंद्रशेखरन घटना को लेक काफी भावुक दिखे और कहा कि टाटा की एयरलाइंस में ऐसी घटना हुई, यह अफसोसजनक है. पीड़ित परिवार के लिए हमारा दिल रो रहा है. हम अभी भी आगे भी उनकी हर मुमकिन मदद करेंगे. टाटा समूह के लोग हर परिवार के लोगों से मिलेगा और उनके साथ जिंदगी भर का साथ देगा. श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा और एयर इंडिया पीड़ित परिवारों को मदद में जुटे हैं, चाहे वो पैसों की सहायता हो या फिर भावनात्मक सहयोग देने की बात, हर जगह हम लोग साथ है. लेकिन यह हादसा इतना बड़ा है कि इसका दर्द और सवाल लंबे वक्त तक रहेगा. एन चंद्रशेखरन ने कहा कि इस घटना में बचे एक मात्र व्यक्ति से उनकी मुलाकात हुई है, लेकिन आगे वे जितने पीड़ित परिवार है, उनसे मिलकर उनका दर्द बांटना चाहते है. इस घटना का अफसोस जिंदगी भर रहेगा. श्री चंद्रशेखरन ठीक से बात तक नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने कहा कि यह एक बेहद मुश्किल घड़ी है. उनके पास उन परिवारों को सांत्वना देने के लिए कोई शब्द नहीं है, जिन्होंने अपने लोगों को खोया है. हम लोग पीड़ित परिवार का सहारा बन सके, इसके लिए कोशिश हो रही है. उन्होंने बताया कि जहां तक जांच की बात है तो हर जांच में वे लोग पूरी तरह सहयोग करेंगे. 30 दिनों में रिपोर्ट आयेगी, जिसके बाद अगला कदम क्या होगा, उसके आधार पर लिया जायेगा.



