
जमशेदपुर : पूरे कोल्हान को इलाज की दिशा में काफी ज्यादा आत्मनिर्भर करने वाली टाटा स्टील द्वारा संचालित टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) के 30 से ज्यादा जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है. कोरोना के दौर के बीच जूनियर डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है. बताया जाता है कि इस्तीफा देने का कारण उनका उच्च शिक्षा के लिए चयनित होना है. प्रबंधन ने कहा है कि उच्च शिक्षा का रिजल्ट आने के बाद ऐसा हमेशा होता रहता है क्योंकि डॉक्टर अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे देते है. अमूमन करीब हर माह 20 से ज्यादा नये डॉक्टर आते है और इस्तीफा दे देते है. यह जूनियर डॉक्टर का हाल है. लेकिन सीनियर किसी डॉक्टर ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है. वैसे सूत्रों का यह भी कहना है कि कोरोना के कारण ड्यूटी पर टीएमएच में उनको ही लगा दिया जा रहा था, जिससे तंग आकर भी इन लोगों द्वारा इस्तीफा दिया जा रहा था. वैसे इससे कंपनी प्रबंधन ने इनकार किया है और कहा है कि यह कोई परेशानी का कारण नहीं है और ना ही टीएमएच के कार्यों पर इसका कोई असर पड़ने वाला है. कोरोना का जांच यहां जारी है और कोरोना ही नहीं अन्य बीमारियों का भी इलाज यहां सामान्य तरीके से चल रहा है. इस कारण इसको लेकर डरने की जरूरत नहीं है. वैसे प्रबंधन ने कोई संख्या बताने से साफ मना कर दिया है और कहा है कि यह सामान्य प्रक्रिया है क्योंकि डॉक्टर यहां आते है और ट्रेनिंग करने के बाद जब उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए दाखिले का रिजल्ट आता है तो फिर अपनी उच्च शिक्षा के लिए कहीं और चले जाते है. किसी भी सीनियर डॉक्टर ने अपना इस्तीफा नहीं दिया है. टाटा स्टील व टीएमएच प्रबंधन का कहना है कि किसी ने कोरोना के कारण इस्तीफा नहीं दिया है. पूरी टीएमएच के डॉक्टरों की टीम तटस्थ होकर कोरोना की लड़ाई में खड़ी है और जनसेवा में लगी हुई है.







