
जमशेदपुर : टाटा पावर के जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारियों और अधिकारियों की बड़ी लापरवाही के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. टाटा पावर द्वारा फ्लाई एश युक्त पानी सड़कों पर बारिश के पानी के साथ बहा दिया गया है. जमशेदपुर के बामनगोड़ा, बारीगोड़ा पुलिया के पास घरों में जहरीला गंदा पानी घुसने से बाढ़ सी स्थिति उत्पन्न हो गयी है. घरों के जरूरी समान, बर्तन आदि पानी में तैर रहे हैं. पुलिया के ऊपर से पानी का बहाव होने से आवागमन अवरूद्ध हो गया. बुधवार की सुबह तीन बजे से सुबह के साढ़े छह बजे तक पानी का स्तर बढ़ने से आस-पास के लोगों की सांसे थम गयी थी. लोग भयभीत थे.

गौरतलब है कि बारिश के दिनों में अक्सर सैंड़-पौंड़ एवं पाइप का वाल्भ खोलकर लाखों टन फ्लाई एश खुले में बहा दिया जाता है, जिससे हर बार बाढ़ सी स्थिति उत्पन्न हो जाती है. लोगों ने कहा कि फ्लाई एश युक्त पानी के कारण क्षेत्र में कीचड़ जमा है. सतह पर फ्लाई एश की मोटी परत जमी हुई है. फिसलन से लोग चोटिल हो रहे हैं. वहीं संक्रमण का खतरा बढ़ गया है जबकि फ्लाई एश के पानी में बहाव से जल निकासी का मार्ग अवरूद्ध होने से नाला भी जाम हो गया है. स्थानीय राकेश चौधरी ने कहा कि टाटा पावर के इस गैर जिम्मेदाराना हरकत पर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए. आखिर पर्यावरण एवं लोगों के जीवन से इतनी बड़ी कंपनी कैसे खिलवाड़ कर सकता है ? और पर्यावरण विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इस फ्लाई एश युक्त जहरीले पानी के खुले में बहाव के कारण लोगों के जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है.

एक ओर जहां पानी के जीव जंतु प्रभावित हुए हैं वही किसानों के फसल को नुक्सान पहुंचा है. इतना ही नहीं यही पानी नदी में जाकर मिल रही है और लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है. हम कह सकते हैं इससे नेचर और जीवन दोनों को भारी नुक़सान पहुंच रहा है. उन्होंने टाटा पावर प्लांट के वेस्ट डिस्पोजल पॉलिसी पर भी सवाल खड़े किएं हैं. इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन या सरकारी तंत्र पूरी तरह चुप है. कंपनी के खिलाफ अब तक किसी तरह का कोई कदम नहीं उठाया गया है.



