जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के अपना घर को लेकर पहल तेज होने की उम्मीद बढ़ गयी है. करीब चार साल के बाद टाटा स्टील में ज्वाइंट डिपार्टमेंटल काउंसिल (जेडीसी) की शुरुआत की गयी. इस दौरान यह मुद्दा जोर शोर से उठाया. एलडी 2 के पूर्व कमेटी मेंबर एमके सिंह ने यह मुद्दा उठाया. इस दौरान यह कहा गया कि कर्मचारियों को अपना घर की बातें की गयी थी, लेकिन आज तक नहीं हो पाया. इसके बाद यह हलचल तेज हो गयी है कि आखिर कब तक टाटा स्टील के कर्मचारियों को अपना घर मिलेगा. दरअसल, टाटा स्टील अपने कई सारे लोकेशन में हाउसिंग सोसाइटी के माध्यम से मकान बनायी है, जिसमें वाजिब कीमत में कर्मचारियों को मकान मिले है. यहीं वजह है कि जमशेदपुर के के कर्मचारियों का भी डिमांड काफी दिनों से चल रहा है. इसको लेकर हाउसिंग सोसाइटी में तब 13 करोड़ रुपये दिये गये थे, जब टाटा स्टील के एमडी एचएम नेरुरकर होते थे और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष पीएन सिंह थे. (नीचे भी पढ़ें)

अब इसको लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन को पहल करना होगा ताकि कर्मचारियों के अपने घर का सपना साकार हो सके. इसको लेकर डोबो (सरायकेला खरसावां) जिले में आवासीय के लिए जमीन भी खरीदी गयी थी. यह जमीन आज भी है. लेकिन अब इसको लेकर बड़ी पहल करने की जरूरत है ताकि कर्मचारियों के आवास का सपना साकार हो सके. इस बीच टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने बताया है कि वे इस मसले पर जरूर मैनेजमेंट से बातचीत करेंगे. जब वे डिप्टी प्रेसिडेंट थे, तब भी पहल हुई थी. कालांतर में यह मामला शांत हो गया. इसकी क्या स्थिति है, क्या हो सकता है, इसको लेकर हम लोग जरूर पहल करेंगे.




