जमशेदपुर : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया ने कहा कि जमशेदपुर झारखंड का प्रमुख औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्र के साथ आर्थिक राजधानी भी है. यहां की कानून-व्यवस्था का सीधा प्रभाव व्यापार, उद्योग, रोजगार और पूरे कोल्हान क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है. हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं से व्यापारियों एवं आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग सरकार के साथ खड़ा है और प्रशासन को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन व्यापारियों एवं नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. कैट ने मुख्यमंत्री से 7 प्रमुख तत्काल मांगें रखी है. इसके तहत साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई गोलमुरी, मानगो ,आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया सहित सभी प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में दिन-रात नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए. (नीचे भी पढ़ें)
विशेष रूप से बाजार खुलने एवं बंद होने के समय अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाए. प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाए, ताकि व्यापारियों की शिकायतों और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके. प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों, प्रवेश एवं निकास मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा उनकी 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए. किसी भी आपराधिक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की तत्काल उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में प्रभावी क्विक रिस्पांस व्यवस्था विकसित की जाए. अपराधी गिरोहों, रंगदारी, अवैध हथियार, नशीले पदार्थों एवं अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष अभियान चलाया जाए. कैट एवं स्थानीय व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस एवं प्रशासन की नियमित बैठक हो, ताकि प्रत्येक बाजार की स्थानीय समस्याओं और संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सके. जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था की स्थिति की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में किए गए सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता की रिपोर्ट तैयार की जाए. (नीचे भी पढ़ें)
श्री सोंथालिया ने कहा कि व्यापारी की सुरक्षा केवल व्यापारी की सुरक्षा नहीं है, बल्कि पूरे बाजार और उपभोक्ता की सुरक्षा है. यदि बाजार में सुरक्षा का वातावरण रहेगा तो ग्राहक निर्भय होकर खरीदारी करेंगे, व्यापार बढ़ेगा, रोजगार मजबूत होगा और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी. उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्देश जारी करें. कैट ने यह भी कहा कि व्यापारिक संगठन पुलिस एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर “व्यापारी-पुलिस सुरक्षा संवाद” की नियमित व्यवस्था शुरू करने के लिए तैयार हैं. श्री सोंथालिया ने कहा कि कैट का उद्देश्य किसी संस्था की आलोचना करना नहीं, बल्कि सरकार एवं प्रशासन के साथ मिलकर जमशेदपुर को सुरक्षित, व्यवस्थित और भयमुक्त व्यापारिक शहर बनाए रखना है.




