
जमशेदपुर : टाटा स्टील अपनी क्षमता को 30 मिलियन टन सालाना प्रोडक्शन तक बढ़ाने जा रही है. इसके लिए वर्ष 2030 का टारगेट कंपनी ने फिक्स किया है. आने वाले नौ सालों के लिए इस प्लान पर काम चल रहा है. इसके तहत टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट यानी जमशेदपुर के टाटा स्टील प्लांट, जमशेदपुर से सटे गम्हरिया स्थित टाटा स्टील द्वारा टेकओवर किये गये उषा मार्टिन यानी टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट और गम्हरिया स्थित टिस्को ग्रोथ शॉप (टीजीएस) का विस्तार किया जाना है. इसके अलावा ओड़िशा के कलिंगानगर प्लांट की भी क्षमता बढ़ायी जायेगी. हाल ही में टाटा स्टील ने भूषण स्टील का टेकओवर किया है, जिसके अंगुल प्लांट का विस्तार करने की योजना है. इसको देखते हुए टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने 16 जानकार अधिकारियों की एक टीम बनायी है. यह टीम वर्ष 2030 तक के विस्तार परियोजना पर काम करेगी. मुख्य तौर पर आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता के अलावा आयरन ओर माइंस को स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट और माल की आवाजाही का सुगम व्यवस्था पर यह टीम काम करेगी. टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट, कलिंगानगर और अंगुल के भूषण प्लांट में किस तरह आयरन ओर को उपलब्ध कराना है या उसके बेहतरी के लिए किस तरह का काम करना है, इसकी योजना तैयार की गयी है. 15 मार्च से अधिकारियों की इस टीम को काम करने का अधिकार दिया गया है. इस टीम के लीडर चीफ लॉजिस्टिक जगजीत सिंह बनाये गये है जबकि सीनियर मैनेजर कैपिटल प्लानिंग अरिजीत मंडल को संयोजक बनाया गया है. इस टीम में सदस्य चीफ लैंड रॉ मैटेरियल आनंद कुमार, हेड रेगुलेटरी अफेयर्स माइनिंग व स्टील अंकन मित्र, हेड इंजीनियरिंग व प्रोजेक्ट स्लरी पाइपलाइन एके अग्रवाल, रांची के रेसीडेंट एक्जीक्यूटिव अपूर्व शुक्ला, चीफ इंजीनियरिंग लॉजिस्टिक अरविंद, भुवनेश्वर के रेसिडेंट एक्जीक्यूटिव अश्विनी प्रसाद मोहंती, हेड प्लानिंग डी विजयेंद्र, चीफ रॉ मैटेरियल टेक्नॉलॉजी ग्रुप देबप्रसाद चक्रवर्ती, हेड रॉ मैटेरियल आयरन ओर जीवी सत्यनारायणा, चीफ प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक व इंफ्रास्ट्रक्चर मोहित दास, चीफ जियोलॉजिस्टिक आयरन राजेश मुखर्जी, मैनेजर लैंड व लीज टाटा स्टील कलिंगानगर श्रीकांत कुमार भंडारा, सीनियर मैनेजर इंफ्रास्ट्रक्चरर तुहिन चौधरी और सीनियर मैनेजर प्रोजेक्ट स्लरी पाइपलाइन विजय कृष्ण पोंदरू बनाये गये है. आपको बता दें कि टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट में अभी दस मिलियन टन से ज्यादा का उत्पादन करती है. करीब 11 मिलियन टन का उत्पादन हो रहा है. ओड़िशा प्लांट में तीन मिलियन टन का उत्पादन हो रहा था, जिसका विस्तार कर छह मिलियन टन किया जाना है. अंगुल में भूषण स्टील को मिलाकर करीब 19 मिलियन टन का उत्पादन टाटा स्टील कर रही है. इसकी क्षमता को 30 मिलियन टन तक करना है. टाटा सह्टील ने हाल ही में उषा मार्टिन का अधिग्रहण किया था, जिसका नाम टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट हो गया है जबकि भूषण स्टील को अंगुल में लिया है, जिसका कुल क्षमता 7 मिलियन टन के करीब है. वैसे क्षमता बढाने के तहत कलिंगानगर को 8 मिलियन टन तक करने की योजना पर काम चल रहा है. इस विस्तार का लाभ जमशेदुपर ही नहीं बल्कि पूर्वोत्तर भारत के लोगों को भी मिलेगा. इस विस्तार के बाद टाटा स्टील भारत की इकलौती निजी स्तर की कंपनी होगी, जो 30 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करेगी.














