
जमशेदपुर : जमशेदपुर कोर्ट से फरार चल रहे गैंगस्टर अखिलेश सिंह के सहयोगी हरीश सिंह के कोर्ट में आकर गवाही देने और फिर आसानी से भाग जाने के मामले में जमशेदपुर के एसएसपी डॉ एम तमिल वाणन ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले को लेकर फरार अपराधी हरीश सिंह और उसके 12 सहयोगियों के खिलाफ सीतारामडेरा थाना में केस दर्ज किया गया है, जिसमें कहा गया है कि फरार अभियुक्त हरीश सिंह को आपराधिक षड़यंत्र के तहत न्यायालय का फरार जानते हुए वकील का वेष धारण करवाकर कोर्ट में बयान के लिए लाना और बयान के बाद फिर से भागने में मदद करने के मामले में हरीश सिंह और 10 से 12 अज्ञात सहयोगी ने मदद की थी. इस मामले में परीक्षयमान पुलिस अवर निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इस मामले में धारा 212, 419, 120 बी और 34 भादवि की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है. दूसरी ओर, सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस मामले में कोर्ट के गेट पर तैनात चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया है. वैसे इसकी पुष्टि नहीं की गयी है. आपको बता दें कि पिछले दिनों ही गैंगस्टर अखिलेश सिंह का सहयोगी हरीश सिंह जमशेदपुर कोर्ट में पहुंचा था. उसने ट्रांस्पोर्टर और झामुमो नेता उपेंद्र सिंह की हत्या के मामले में हरीश सिंह की कोर्ट में पेशी होकर बयान दर्ज कराया था और फिर करीब 15 मिनट तक कोर्ट में रहने के बाद आसानी से फरार हो गया था. इस मामले में जमशेदपुर के एसएसपी डॉ एम तमिल वाणनन ने गंभीरता से पूरे मामले को लिया और मामले की जांच डीएसपी सीसीआर अरविंद कुमार से करायी. अरविंद कुमार के स्तर पर दो बार जांच करायी गयी, जिसमें चार पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया. इसके अलावा यह पुष्टि हो गयी कि हरीश सिंह आया था और कोर्ट में घुसकर वापस निकल गया था. उसने वकील का ड्रेस पहन रखा था, जिस कारण पुलिसवालों को चकमा दे दिया था.












