ओडिशा : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर टाटा स्टील मेरामण्डली वर्कर्स यूनियन की ओर से असनबनीआ गांव में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में यूनियन के संस्थापक एवं अध्यक्ष बिक्रमसिंह सुभ्रांशु सेखर सामल (सामल बाबू) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उनके द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया गया. इस अवसर पर अपने संबोधन में संस्थापक एवं अध्यक्ष सामल बाबू ने कहा कि भारत में इस्पात उद्योग के विकास की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए टाटा स्टील महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि मेरामण्डली संयंत्र में भी विस्तार की दिशा में कार्य जारी है और आने वाले समय में इसके विकास की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि इस्पात उद्योग तेजी से आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में कर्मचारियों को भी बदलती तकनीक और कार्यप्रणाली के अनुरूप मानसिक एवं तकनीकी रूप से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि टाटा स्टील के विकास के साथ कर्मचारियों का विकास भी समान रूप से महत्वपूर्ण है. सामल बाबू ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में हरित एवं टिकाऊ विकास के माध्यम से टाटा स्टील को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं. इसी उद्देश्य से स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर 200 से अधिक पौधों का पौधारोपण किया गया। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य की नींव हैं. (नीचे भी पढ़ें)

मान्यता और वेतन पुनरीक्षण को प्राथमिकता यूनियन की मान्यता को लेकर अध्यक्ष सामल बाबू ने कहा कि टाटा स्टील मेरामण्डली वर्कर्स यूनियन की मान्यता की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इस माह के अंत तक यूनियन को प्रबंधन द्वारा मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह यूनियन की प्राथमिकताओं में सबसे महत्वपूर्ण विषय है और इसके लिए प्रबंधन के साथ वार्तालाप सकारात्मक एवं निर्णायक चरण में है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि मान्यता प्राप्त होने के बाद यूनियन की अगली प्रमुख प्राथमिकता कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण को लेकर प्रबंधन के साथ वार्ता करना होगी. इसके बाद कर्मचारियों के व्यापक हित और कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रबंधन के साथ चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि यूनियन का उद्देश्य केवल वेतन संबंधी मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, अधिकार, सुविधाओं, कल्याण और बेहतर भविष्य के लिए लगातार कार्य करना है. उन्होंने कर्मचारियों एवं यूनियन सदस्यों से एकता, धैर्य और आपसी विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि संगठन की शक्ति उसकी एकता में है. उन्होंने कहा कि अब तक की यात्रा सामूहिक विश्वास, संघर्ष और एकजुटता का परिणाम है. आने वाले समय में भी सभी को धैर्य बनाए रखते हुए एकजुट होकर कर्मचारियों के हितों के लिए कार्य करना होगा. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में यूनियन के महासचिव देबाशीष प्रधान, उपाध्यक्ष अरविंद मोहंती, कोषाध्यक्ष दिब्यरंजन साहू, संगठन सचिव सरोज कुमार लेंका एवं संयुक्त सचिव चंद्रमणि साहू सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में यूनियन सदस्य उपस्थित रहे. कार्यक्रम के सफल आयोजन में संगठन सचिव सरोज कुमार लेंका के साथ-साथ धोबेई साहू, हेमंत साहू, अनंत, श्रीकांत, दुर्योधन एवं अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा. स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण, राष्ट्रगान एवं पौधारोपण के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, श्रमिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मान्यता, वेतन पुनरीक्षण और कर्मचारी कल्याण के लक्ष्यों को एकजुटता, विश्वास और धैर्य के साथ आगे बढ़ाते हुए यूनियन कर्मचारियों के अधिकारों एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी.




