जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का एलटीसी का समझौता में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. पिछली बार 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. मंडी के दौरान विपरीत परिस्थितियों के बावजूद एक बेहतर समझौता टाटा स्टील मैनेजमेंट और यूनियन ने किया है. इस समझौता को टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्षों ने भी सराहा है. इस समझौता को इसलिए भी सराहा जा रहा है क्योंकि ट्रेन की टिकट की कीमत और यात्रा पर खर्च कुल मिलाकर करीब 20 फीसदी ही हुआ है. लेकिन कर्मचारियों का एलटीसी की बढ़ोतरी 27 फीसदी के करीब हुआ है. ऐसे में इसको काफी बेहतर माना जा रहा है. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू ने कहा कि हमने अपने साथियो के हित में फैसला लिया है. यह सबके लिए हितकर होगा. दूसरी ओर, टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने कहा कि ऐसा समझौता ऐसे विपरीत माहौल में काफी बेहतर है. मेरी नजर में यह सबसे बेस्ट समझौता है. टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ने कहा कि यह जो समझौता हुआ है वह प्रशंसनीय है. यह समझौता ऐसे माहौल में हुआ है कि हर जगह कटौती हो रही है और यहां बेहतर बढ़ोतरी हुई है.(नीचे भी पढ़े)
अब तक का समझौता एक नजर में :
एक जनवरी 2000 से 31 दिसंबर 2003 : कर्मचारी 5500-सुपरवाइजर 7,500 रुपये
एक जनवरी 2004 से 31 दिसंबर 2007 : कर्मचारी 8,000-सुपरवाइजर 10,000 रुपये
एक जनवरी 2008 से 31 दिसंबर 2011 : कर्मचारी 14,000-सुपरवाइजर 16,000 रुपये
एक जनवरी 2012 से 31 दिसंबर 2015 : कर्मचारी 21,000-सुपरवाइजर 23 हजार रुपये
(स्टील ग्रेड) कर्मचारी 20,000
एनएस-7 ग्रेड 20,000 रुपये (न्यू सीरीज ग्रेड)
एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2019 : कर्मचारी 28,500-सुपरवाइजर 30,500
1 जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2024 : टाटा स्टील में पहली बार स्टील वेज व एनएस ग्रेड में एक समान लीव ट्रैवल्स कंसेशन (एलटीसी) हुआ था. समझौते के तहत 18,400 से कम बेसिक वाले कर्मचारियों को 36,600 जबकि उससे अधिक वाले कर्मचारियों को 38,600 रुपये एलटीसी मिला.




