
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने अपने अधिकारियों के काम करने के तरीके को बदल दिया है. एक नवंबर 2020 से एक साल तक के लिए इस नये बदलाव को लागू कर दिया गया है. एक नवंबर से एजिल वर्किंग मॉडल (चंचल कार्य मॉडल) को एक साल के लिए पायलट के तौर पर लागू किया गया है. गुरुवार को टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, कोरोना के संक्रमण के दौर में कई सारे भविष्य के कार्य करने के तरीके का भी इजाद किया है. कोरोना काल में यह बातें सामने आयी है कि यह जरूरी नहीं है कि प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए प्लांट या ऑफिस में ही कोई रहे तो ही उसकी प्रोडक्टिविटी हो सकती है, लोग किसी दूर स्थान पर रहकर भी अपना काम को निष्पादित कर सकते है, ड्यूटी कर सकते है. उन्होंने अपने सर्कुलर में कहा है कि यामर कंवर्सेसन और एसएलटी एजिल वर्कशॉप जैसे सोर्स से यह बातें सामने आयी है कि वर्तमान हालात कब तक सामान्य होंगे यह समझ नहीं आ रहा है, ऐसे में वर्किंग कंडिशन को बदलना जरूरी हो गया है और लोग दूर बैठकर भी अपने सारे काम कर सकते है. उन्होंने फ्लेक्सी वर्क यानी कहीं से भी काम करने की आजादी प्रोडक्टिविटी को और बढ़ा सकती है ताकि हर कर्मचारी एक पति या पत्नी, बेटे या बेटी और परिवार के प्रति अपनी जवाबदेही को निभाते हुए भी काम कर सके. परिवार में बैलेंस बनाने और कार्य को भी बेहतर करने के लिए फ्लेक्सी वर्क को और बढ़ावा दिया जा रहा है. बिना किसी ट्रांस्फर के ही लोग अपने किसी भी स्थान से काम कर सके, ऐसा माहौल देने की कोशिश टाटा स्टील की ओर से दी गयी है ताकि कहीं भी रहकर कर्माचरी काम कर सकते है. इसके तहत एजिल वर्किंग मॉडल को लागू किया गया है, जो अभी पायलट के तौर पर अधिकारियों के लिए लागू किया गया है. इसके तहत कोई भी अधिकारी टाटा स्टील के लिए अपने घर से काम कर सकते है, उनको जरूरी नहीं है कि वे अगर जमशेदपुर में पदस्थापित है तो जमशेदपुर में ही रहे, कहीं भी रहकर अधिकारी अपना काम कर सकते है, लेकिन इसके लिए अपने विभाग से जुड़े आइएल-1 स्तर के अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी. कोरोना काल में जिस तरह की छूट दी गयी है, उसके तहत कोई भी अधिकारी अपना वर्क फ्राम होम यानी घर से काम कर सकते है, बशर्तें वह नियमों के तहत ही कहीं भी ट्रैवल करें, उससे कंपनी को कोई मतलब नही है, सिर्फ काम समय पर पूरा हो जाना चाहिए.





