
जमशेदपुर : टाटा स्टील के एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के लिए सोमवार का दिन बेहतर साबित हुआ. सोमवार को एनएस ग्रेड की समस्याओं को लेकर मैनेजमेंट और यूनियन के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान कई मसलों पर चर्चा हुई, जिसमें कई चीजें तय की गयी. मीटिंग में हुए फैसले के आधार पर दो से तीन दिनों के बीच समझौता होने की उम्मीद जतायी जा रही है. सोमवार को हुई बैठक में एक मुद्दा उठाया गया कि अभी किसी भी एक डिपार्टमेंट से दूसरे डिपार्टमेंट का वैकेंसी भरने की पूरी छूट ओल्ड सीरिज (स्टील वेज) वाले कर्मचारियों को होती है. यानी अगर एलडी 2 में कोई वैकेंसी निकलती है तो उसको एलडी 1 का पहले ओल्ड ग्रेड का कर्मचारी भर लेता था और जब वैकेंसी नहीं भरी जाती थी, तब न्यू सीरिज (एनएस ग्रेड) के कर्मचारियों को इंट्री दी जाती थी. लेकिन अब तय किया गया है कि जैसे ही वैकेंसी निकलती है, उसमें एनएस ग्रेड के कर्मचारी भी उसी तरह से अपना आवेदन दे सकेंगे या चयन हो सकेंगे, जिस तरह ओल्ड सीरीज के कर्मचारी भरते रहे है यानी अब बराबरी का हक एनएस ग्रेड के लोगों को मिल जायेगा. इसी तरह एक अन्य समझौता के तहत अगर हॉट मेटल क्रेन का संचालन एनएस ग्रेड करता है तो बड़ा हो या मंझोला या छोटा क्रेन सबका एक जैसा ही रेट मिलता था जबकि यह मांग थी कि ओल्ड सीरीज की तरह ही उनको बड़ा क्रेन चलाने के बदले अलग से मेहनताना मिले. सोमवार की बैठक में तय हुआ कि अब एनएस ग्रेड के कर्मचारी भी अगर हॉट मेटल क्रेन का संचालन करते है तो उनको हर दिन 50 रुपये का अतिरिक्त लाभ दिया जायेगा यानी पूरे महिने क्रेन चला लेता है एनएस ग्रेड का कर्मचारी तो उसको 1500 रुपये एक माह का मिल जाया करेगा. तीसरे अहम बातचीत में केमिकल लैब में प्रोमोशन के लिए डिप्लोमा को अनिवार्य रखा गया था चाहे कोई एनएस ग्रेड का कर्मचारी बीएससी केमिस्ट्री ही क्यों नहीं किया हो. इससे उनको ग्रुप 2 से ग्रुप 3 में प्रोमोशन मिलने में दिक्कत था. सोमवार को हुई बैठक में तय किया गया कि अब ग्रुप 2 से ग्रुप 3 में एनएस ग्रेड के वैसे कर्मचारी भी प्रोमोशन पा सकेंगे, जो बीएससी केमिस्ट्री की डिग्री लिये हुए है और डिप्लोमा करना अनिवार्य नहीं है. लेकिन इसमें यह तय किया गया कि यह सिर्फ केमिकल लैब के लिए ही नियम लागू होगा, अन्य विभाग या सेक्सन के लिए यह नियम लागू नहीं होगा. सोमवार को हुई बैठक में ग्रुप 1 से एनएस ग्रेड का कर्मचारी ग्रुप 3 में निकले वैकेंसी को नहीं भर सकता था चाहे वो डिप्लोमाधारी ही क्यों नहीं हो. लेकिन सोमवार को यह तय किया गया कि अगर कोई एनएस ग्रेड का कर्मचारी डिप्लोमा किया हुआ है तो वे लोग ग्रुप 1 से सीधे ग्रुप 3 में भी प्रोमोशन पाने के लिए आवेदन दे सकते है या चयन किया जा सकता है. यह तीन अहम फैसला को लेकर समझौता दो से तीन दिनों में होने की उम्मीद जतायी जा रही है.





