
जमशेदपुर : टाटा स्टील के पिलेट प्लांट में कर्मचारियों से एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कराया जा रहा था. इस घोषणा पत्र में कर्मचारियों को एक फॉर्म दिया गया था. इस फार्म में कहा गया था कि वे जिम्मेदारी लेते है कि पिलेट प्लांट में मौजूद किसी स्वचालित इक्वीपमेंट, कंवेयर बेल्ट, बॉल मिल समेत अन्य में किसी प्रकार का कोई कार्यों को नहीं करेंगे और करवायेंगे. यह भी लिखाया गया है कि वे उत्तरदायित्व को ध्यानपूर्वक निबायेंगे और ऊर्जा श्रोत से अलगाव के बाद ही किसी भी इक्वीपमेंट को छूयेंगे. अगर भविष्य में इस घोषणा पत्र का उल्लंघन किया जाता है तो इसके लिए सिर्फ वे ही जिम्मेदार होंगे. टाटा स्टील के कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) में हुए हादसे को देखते हुए यह घोषणा पत्र भराया जा रहा था. इसको लेकर कर्मचारियों पर भविष्य में मैनेजमेंट कार्रवाई कर सकती थी. इसको देखते हुए वहां के कमेटी मेंबरों को कर्मचारियों ने विरोध जताया तो कमेटी मेंबरों ने इसकी आवाज यूनियन तक पहुंचायी, जिसके बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया और मैनेजमेंट के अधिकारियों से बातचीत की, जिसके बाद इस घोषणा पत्र को रोकवा दिया गया. इस पर अब हस्ताक्षर नहीं कराया जायेगा, यह फैसला लिया गया.












