
जमशेदपुर : टाटा स्टील के पावर हाउस विभाग के पांच कमेटी मेंबरों ने मिलकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु को एक ज्ञापन सौंपा है. इन लोगों ने चार सूत्री मांगपत्र सौंपकर पावर हाउस के कर्मचारियों के हित में फैसला लेने की अपील की है. ज्ञापन देने वालों में कमेटी मेंबर दीप कुमार सिंह, सुमन कुमार, राकेश कुमार सिंह, सीएसपी सिंह और शेषनाथ सिंह (एसएन सिंह) शामिल है. इन लोगों ने अपने ज्ञापन में बताया है कि पावर हाउस विभाग में बायलर अटेंडेंट (बीओए) और बायलर इंजीनियर (बीओइ) का पद है, जो लगातार बायरल के ऑपरेशन के लिए काफी मेहनत करते है. इसमें से अधिकांश ने सरकार की ओर से आयोजित परीक्षा देकर बायरल ऑपरेशन सर्टिफिकेट भी हासिल किया है. कई कंपनियों में ऐसे सर्टिफिकेट होल्डर को कंपनी की ओर से सर्टिफिकेट एलाउंस दिया जाता है. ऐसे सर्टिफिकेट होल्डर तीन साल का अनुभव होने के बाद बीओए का सेकेंड क्लास और न्यूनतम दो साल का अनुभव होने पर बीओए के फस्र्ट क्लास के इंटरव्यू के लिए मान्य माना जाता है. इन लोगों ने मांग की है कि ऐसे बायरल अटेंडेंट और बायलर इंजीनियर के मनोबल को बढ़ाने के लिए कम से कम एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट न्यूनतम दिया जाये. इन लोगों ने यह भी बताया है कि एनएस 7 (ब्लॉक 2 से ब्लॉक 3) तक जाने के लिए डिप्लोमा सर्टिफिकेट अनिवार्य है, जिसे कोई भी व्यक्ति का विभागीय वेकेंसी के आधार पर प्रोमोशन या अपग्रेडेशन होता है. ऐसे में बीओए लोग चूंकि, बायलर ऑपरेशन में पारंगत हो जाते है, इस कारण उनके लिए डिप्लोमा सर्टिफिकेट की अनिवार्यता प्रोमोशन के लिए समाप्त किया जाना चाहिए ताकि वे लोग भी आगे बढ़ सके. इसको लेकर यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु से यह अपील की गयी है कि वे कर्मचारियों की इन समस्याओं का निराकरण कर उनको लाभ पहुंचाये. अध्यक्ष ने कहा है कि इस मसले पर विभागीय पदाधिकारियों से बातचीत कर मसौदा तैयार कर यूनियन की ओर से मैनेजमेंट को दिया जायेगा, जिसके बाद मैनेजमेंट के साथ वार्ता होगी.







