जमशेदपुर : स्लो डाउन और चीन के डंपिंग के बावजूद टाटा स्टील ने भारत में बेहतर प्रोडक्शन और डिलीवरी करने में सफलता पायी है. वित्तीय वर्ष 2024-2025 के प्रोडक्शन और डिलीवरी में टाटा स्टील ने भारत में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. हालांकि, टाटा स्टील के पूरे ग्रुप का पूरे वित्तीय वर्ष मेह 5 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जो 74.5 लाख टन रह गया है. कंपनी के ब्रिटेन परिचालन में बदलाव की वजह से उसके उत्पादन में कमी आयी है. कंपनी की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक, पूरे वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी की बिक्री इससे पिछले वित्तीय वर्ष के 2 करोड़ 91.6 लाख टन के मुकाबले 6 फीसदी बढ़कर 3 करोड़ 8.6 लाख टन हो गयी. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के आंकड़े के मुताबिक, टाटा स्टील ने भारत में पूरे वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 21.75 मिलियन टन का उत्पादन किया जबकि पिछले साल 20.78 मिलियन टन का उत्पादन किया था. टाटा स्टील ने भारत में 20.94 मिलियन टन स्टील की बिक्री की जबकि पिछले साल 19.91 मिलियन टन की बिक्री की थी. टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट में देश के सबसे बड़े ब्लास्ट फर्नेस से स्टील का बेहतर उत्पादन शुरू हुआ. इसके अलावा नीलाचल इस्पात ने भी बेहतर उत्पादन किया है. इस कारण कंपनी का भातर में प्रोडक्शन बेहतर हुआ है. कंपनी के मुताबिक, टाटा स्टील का भारत के घरेलू बाजार में डिमांड काफी ज्यादा हुई है और इसमें ग्रोथ दर्जकी गयी है.



