जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में शुक्रवार की सुबह एक शिफ्ट की ड्यूटी पर बिष्टुपुर एसएनटीआइ का रहने वाला कर्मचारी वैद्यनाथ गिरी आया था. सबकुछ सामान्य था. घर से सत्तू पीकर वह आया. काम शुरू किया. वह कंपनी के फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट में ड्राइवर कम पंप ऑपरेटर (डीसीपीओ) के तौर पर काम करता था. सुबह 6 बजे आने के बाद उसने तत्काल सारे प्लांट के अपने काम को देखना शुरू किया. गाड़ियों का हीटिंग किया. फिर गाड़ियों की व्यवस्था को देखना शुरू किया. उसके साथ और कर्मचारी भी काम कर रहे थे. इस बीच उसने सुबह करीब 6.20 बजे कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद साथी कर्मचारियों ने कहा कि वे रेस्ट रूम में जाकर आराम करें. वे लोग काम देख रहे है. रेस्ट रुम में वह गया तो वहां पहले से एक कर्मचारी काम कर रहा था. इसी बीच अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग फेंकने लगा. फिर वहां मौजूद एक और व्यक्ति ने कंट्रोल रुम को सूचना दी. कंट्रोल रूम ने उसको उठाया और सीधे टीएमएच ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सीपीआर दिया, लेकिन तब तक उसके प्राण पखेरू उड़ चुके है. सुबह 7.15 बजे उसको चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. इस दर्दनाक और अचानक हुई मौत से उनका परिवार भी सदमा में आ गया. खुद साथी कर्मचारी भी हक्के बक्के रह गये कि एक कर्मचारी, जो उसके साथ काम कर रहा था, उसकी अचानक मौत कैसे हो गयी. (नीचे भी पढ़ें)
चिकित्सकों ने संभावना जतायी है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है. उसका अस्पताल ले जाने के रास्ते में ही यूरिन पास हो गया था जबकि उलटी भी हो गयी थी. वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटे का परिवार छोड़ गये है. वे मूलत: आदित्यपुर का रहने वाले थे, जो बिष्टुपुर में टाटा स्टील के क्वार्टर में रहते है. उनकी उम्र करीब 49 साल थी. उसकी मौत के बाद प्लांट में शोक का माहौल है.







