जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता को लेकर शनिवार को भी मैनेजमेंट और यूनियन के बीच करीब ढाई घंटे तक वार्ता चली. शनिवार को छुट्टी के बावजूद मीटिंग हुई. सीएचआरओ जुबिन पालिया के स्तर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के साथ वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान माहौल कुछ शांत नजर आया. मैनेजमेंट के तेवर भी ढीले थे तो यूनियन के तेवर भी नरम ही थे क्योंकि अब दोनों ओर से आगे बढ़ने और पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. समझौता अब लगभग तय हो गया है कि सात साल का समझौता होगा. लेकिन 13 फीसदी तक एमजीबी नहीं बढ़ेगा. करीब 4500 रुपये तक एलाउंस में बढ़ोत्तरी होगी. लेकिन महंगाई भत्ता (डीए) में प्रति प्वाइंट पर पेंच अब भी बरकरार है. बताया जाता है कि एनएस ग्रेड का प्रति प्वाइंट डीए बढ़ोत्तरी से मैनेजमेंट ने इनकार किया है. (नीचे भी पढ़ें)
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (एआइसीपीआइ) के हवाला देते हुए कहा गया है कि अभी ज्यादा कुछ नहीं बढ़ाया जा सकता है क्योंकि पहले से ही डीए के माध्यम से अच्छी खासी बढ़ोत्तरी होती है. एमजीबी फिलहाल, ओल्ड सीरीज का 10 फीसदी जबकि एनएस ग्रेड का 13 से 15 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी होगी. सात साल का समझौता लगभग तय है. लेकिन यह भी तय है कि ओल्ड सीरीज और एनएस ग्रेड का समझौता में अलग अलग नियम कानून होंगे. उनके प्रोमोशन को लेकर लगभग रास्ता साफ हो गया है. एनएस ग्रेड के कई कर्मचारी है, जो एक ही ग्रेड में रुके हुए थे, उनको अलग से बेनीफिट देने पर आम सहमति बन गयी है.







