
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 17 अक्तूबर को होने जा रहा है. इस कमेटी मीटिंग को लेकर करीब 20 से 25 कमेटी मेंबरों ने सवाल उठाने के लिए अपनी ओर से डिमांड सौंपा है, लेकिन सूत्र बता रहे है कि 17 अक्तूबर को होने वाले कमेटी मीटिंग में कमेटी मेंबरों को सवाल उठाने की इजाजत नहीं मिलेगी. बताया जाता है कि मंगलवार को यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद और महामंत्री सतीश सिंह के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे तक बैठक हुई. यह बैठक काफी देर तक चली, जिसमें तय किया गया कि इस बार कमेटी मीटिंग में किसी को सवाल उठाने की इजाजत नहीं दी जायेगी. वैसे यूनियन का संविधान कहता है कि कोई भी कमेटी मेंबर अगर सवाल लिखकर देता है तो कमेटी मेंबरों को सवाल उठाने की इजाजत देना ही होगा. लेकिन संविधान की धज्जियां एक बार फिर उड़ाने की तैयारी है. वैसे दलील यह दी जा रही है कि पिछली बैठक में एनी अदर मैटर यानी दूसरे मुद्दे को उठाने की इजाजत दी गयी थी, इस कारण इस बार सिर्फ एकाउंट पास होगा जबकि कर्मचारियों के कई सारे ज्वलंत सवाल है, जिसको लेकर कमेटी मेंबरों ने लिखित तौर पर आवेदन दिया है, लेकिन उनको सवाल उठाने की इजाजत नहीं दी जा रही है. वैसे पिछले दो बार से कमेटी मेंबरों को अपनी आवाज उठाने तक नहीं दिया जा रहा है, जिस कारण इसको लेकर नाराजगी है और यूनियन पर से कमेटी मेंबरों से लेकर मजदूरों का ही विश्वास डगमगा रहा है.




