
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मीटिंग को लेकर 17 अक्तूबर की तिथि का ऐलान हो चुका है. इस कड़ी में कमेटी मीटिंग को लेकर तैयारी चल रही है. इस बार का कमेटी मीटिंग मजदूरों के हितों को लेकर काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होने जा रहा है क्योंकि विपक्ष के सारे कमेटी मेंबर गोलबंद होकर सवाल उठा रहे है. इस कड़ी में विपक्ष के नेता और पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट संजीव चौधरी उर्फ टुन्नु चौधरी और उनके ही विभाग लाइम प्लांट के एक और कमेटी मेंबर पीडी खलको ने लिखित तौर पर सवाल उठाने का आवेदन यूनियन के महामंत्री को दिया है. इन लोगों ने कहा है कि संविधान के तहत चुनाव और कमेटी मीटिंग तक नहीं हो रही है, जिससे कमेटी मेंबर अपनी आवाज को नहीं उठा पा रहे है. इसके अलावा बारी मेंशन के लिए छह करोड़ रुपये देने को लेकर सवाल उठाने और वेज रिवीजन के मुद्दे पर सवाल उठाने की इजाजत मांगी है और सवाल उठाने की जानकारी दी है. इससे पहले अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के विभाग एलडी 2 के कमेटी मेंबर सुभाष ने भी लिखित तौर पर सवाल उठाने की बात कहीं है. दूसरी ओर, टाटा वर्कर्स यूनियन का हर उपचुनाव सिर्फ उपाध्यक्ष भगवान सिंह के माध्यम से कराये जाने को लेकर विरोध का स्वर तेज हो रहा है. संविधान के तहत चुनाव पदाधिकारी का भी चुनाव होना है, लेकिन इस मामले में चुनाव नहीं कराया जा रहा है, जो गलत है. इसके अलावा एचएसएम का चुनाव इससे पहले भी हो चुका है और एक और सीट एचएसएम में भी चुनाव इस बार होने जा रहा है. एचएसएम से ही भगवान सिंह भी चुनाव जीतकर आते है, जिस कारण यह आरोप लगाया जा रहा है कि भगवान सिंह खुद उसी विभाग से होने के कारण चुनाव को प्रभावित कर रहे है और हार और जीत का खेल खुद रच रहे है. इसको लेकर विरोध शुरू हो गया है. वैसे इसकी प्रक्रिया 19 अक्तूबर को पूरी होगी. वहीं, निर्वतमान और रिटायर कमेटी मेंबर केके सिंह का अब भी रिटायरमेंट के बाद भी विभाग में जाने को लेकर भी आपत्ति जतायी गयी है और आरोप लगाया जा रहा है कि केके सिंह कंपनी के भीतर रिटायरमेंट के बाद भी जाकर मतदाताओं पर दबाव बना रहे है. इसको लेकर भी आपत्ति सामने आने लगी है.



