
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. चुनाव पदाधिकारी संतोष सिंह और चुनाव समिति के सारे नवनियुक्त सदस्यों ने अब अपना कामकाज संभाल लिया है. गुरुवार को मकर संक्रांति के बीच चुनाव पदाधिकारी और चुनाव समिति के सदस्यों ने पुराने चुनाव की सारी प्रक्रिया को समझा और पुराने दस्तावेजों को खंगाला. करीब एक घंटे तक संतोष सिंह ने मीटिंग की और पूर्व में किस तरह से नये संविधान के तहत चुनाव हुए है, उसको भी समझने की कोशिश की. इस दौरान उन लोगों ने पाया कि अभी चुनाव में समय लगेगा क्योंकि प्रक्रिया में ही अभी करीब 15 दिनों तक का समय लग सकता है. ऐसे में यह उम्मीद है कि फरवरी 2021 के प्रथम सप्ताह में चुनाव करा लिया जायेगा. इस बीच चुनाव पदाधिकारी संतोष सिंह ने चुनाव को लेकर अपने हस्ताक्षर से कोड ऑफ कंडक्ट जारी कर दिया. इन सारे कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन पाये जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी और उम्मीदवारी भी रद्द की जा सकती है. किसी तरह का कोई विवाद होने पर इलेक्शन सब कमेटी का फैसला ही सर्वमान्य होगा. (नीचे पढ़े पूरी खबर क्या है कोड ऑफ कंडक्ट, सत्ता पक्ष की मीटिंग की खबर.)
टाटा वर्कर्स यूनियन चुनाव के लिए जारी कोड ऑफ कंडक्ट एक नजर में : (नीचे पढ़े पूरी खबर क्या है कोड ऑफ कंडक्ट, सत्ता पक्ष की मीटिंग की खबर.)
- टाटा वर्कर्स यूनियन के ऑफिस बियरर और कमेटी मेंबरों द्वारा पावर का गलत इस्तेमाल करने पर कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना जायेगा
- एक उम्मीदवार द्वारा दूसरे के एरिया में जाकर प्रचार करने पर रोक रहेगी
- ऐसी कोई गतिविधि, जिससे चुनाव की पारदर्शिता और सूचिता भंग हो रही हो, उस पर कार्रवाई होगी.
- कंपनी के भीतर पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी.
- मतदाता को धमकाने पर कार्रवाई होगी.
- किसी तरह का जाति, धर्म, राज्य और भाषा के आधार पर वोट मांगना कोड ऑफ कंडक्ट के दायरे में आयेगा
- वोटिंग स्थल में किसी तरह का प्रचार करने पर पाबंदी रहेगी.
- पोलिंग स्टेशन के दस मीटर के दायरे में किसी भी प्रत्याशी के इंट्री पर पाबंदी रहेगी. (नीचे पढ़े पूरी खबर सत्ता पक्ष की मीटिंग की खबर.)

इस बीच रिटर्निंग ऑफिसर का चुनाव हारने के बाद सत्ता पक्ष के अरविंद पाडेय, शहनवाज आलम समेत अन्य लोगों ने बिष्टुपुर में एक अहम बैठक की. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डिप्टी प्रेसिडेंट अरविन्द पांडेय ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद बुधवार की शाम से यूनियन के महामंत्री द्वारा कमिटी मेम्बरों और सम्भावित उम्मीदवारों को डराने-धमकाने की कोशिश किए जाने का समाचार मिला है. हमारी कार्यकारिणी समिति द्वारा चुनाव समिति की नियुक्ति के पश्चात चुनाव क्षेत्रों के निर्धारण का अधिकार अब चुनाव समिति का है. किसी भी व्यक्ति द्वारा इसका हनन करने का असंवैधानिक प्रयास नहीं किया जाना चाहिए. सभी कमिटी मेम्बर इस बात को भली-भांति समझते हैं. कोई भी उनके डराने से डरने वाले नहीं है. हमारी टीम मजबूती से कमिटी मेम्बरों और सम्भावित उम्मीदवारों के अधिकारों की रक्षा करने में समर्थ है. किसी भी व्यक्ति द्वारा डराने-धमकाने की कोशिश का हर स्तर पर प्रतिकार किया जायेगा. बैठक में अरविन्द पाण्डेय, शैलेश कुमार सिंह, कमलेश सिंह, भगवान सिंह, आरसी झा, धर्मेंद्र उपाध्याय, शाहनवाज आलम, प्रभात लाल एवं शत्रुघ्न राय उपस्थित थे. दूसरी ओर, महामंत्री सतीश सिंह ने डराने धमकाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा है कि रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव समिति में मिली शिकस्त से सत्ता पक्ष के लोग घबरा गये है. अनर्गल आरोप लगा रहे है. किसी को कोई डराने या धमकाने की कोशिश नहीं की गयी है और ना की जायेगी. अलबत्ता उनके सिपाहसलार एक व्यक्ति प्रबंधन का झूठा नाम लेकर लोगों को धमका रहे है. यह गलत है. यह आरोप लगाना घटिया मानसिकता का परिचायक है. इस तरह के अफवाह से अब कमेटी मेंबर और उम्मीदवार भड़कने वाले नहीं है. सारे लोग शहनवाज आलम और अरविंद पांडेय की हकीकत जानकर विकास के लिए वोट कर रहे है और आगे भी हम लोगों का ही साथ हर कोई देगा.















