
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन एक ऐसी यूनियन है, जिसकी देश ही नहीं दुनिया में चर्चा होती है और एक गरिमामय पद के साथ-साथ सुविधाएं भी है. जो यहां अध्यक्ष बनता है, वह अपने पद को छोड़ना नहीं चाहता है. लेकिन शायद यूनियन में पिछले दो दशक में ऐसा अध्यक्ष कोई नहीं आया था, जो खुद को अपने पद से हटाने वाला है और अपने हटने का इंतजार कर रहा है. यह अध्यक्ष सिर्फ आर रवि प्रसाद ही है, जो टाटा वर्कर्स यूनियन के ऐतिहासिक अध्यक्ष पद को छोड़कर अपने आप विदाई ले रहे है क्योंकि वे 1 फरवरी 2021 से टाटा स्टील से रिटायर हो रहे है.
अगर कोई व्यक्ति रिटायर हो जाता है तो उसको कोऑप्सन से चुना जा सकता है. वैसे वे चाहते तो चुनाव अपने कार्यकाल में ही करा लेते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने साफगोई के साथ अपने पद को त्याग कर दिया. यूनियन में एसके बेंजामिन हो, आरबीबी सिंह हो या फिर पीएन सिंह, सभी ने अध्यक्ष पद का मोह नहीं त्याग किया था. इन लोगों ने कोशिशें की थी कि चुनाव में कोऑप्सन हो जाये, लेकिन वे लोग फेल कर गये, लेकिन आर रवि प्रसाद ने काफी गरिमामयी फैसला अपने परिवार के साथ मिलकर लिया और रिटायरमेंट मतलब रिटायरमेंट के मूल मंत्र के साथ नये लोगों को आगे लाने का रास्ता खोला.
उन्होंने www.sharpbharat.com से खास बातचीत करते हुए बताया कि उनको अपने काम पर गर्व है और अपने फैसले को भी वे सही मानते है. उन्होंने कहा कि वे किसी के साथ नहीं है. वे पूरी तरह न्यूट्रल है और उनका किसी के साथ कोई गठबंधन नहीं है. चुनावी राजनीति से वे बिलकुल ही दूर है.







