जमशेदपुर : दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार , क्षेत्रीय निदेशालय, जमशेदपुर द्वारा प्रशिक्षक हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का उदघाटन टाटा वर्कर्स यूनियन के सेमिनार हाल मे मुख्य अतिथि टाटा स्टील के एचआर एंड आइआर के चीफ ज़ुबिन पी पालिया द्वारा किया गया. कार्यक्रम मे टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी टुन्नु, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह एवं महासचिव सतीश कुमार सिंह उपस्थित थे. ज़ुबिन पालिया ने कहा कि आज टाटा स्टील विश्व मे एक आदर्श नियोक्ता के रूप मे जाना जाता है. इसका मुख्य कारण औद्योगिक संबंध एवं कर्मचारियों के साथ प्रबंधन के बेहतरीन संबंध है. टाटा ग्रुप मानव संसाधन के बेहतरी के लिए लंबी अवधि की दूरदर्शी योजनाएं बनाता है जिससे उधोग, समाज एवं राष्ट्र सभी को इसका लाभ मिलता है. (नीचे भी पढ़ें)

कंपनी सदैव संतुलित मानवीय विकास के साथ औधोगिक विकास की नीतियां बनती है जिसमे टाटा वर्कर्स यूनियन का सराहनीय योगदान रहता है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी टुन्नु ने कहा कि राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय , भारत सरकार, क्षेत्रीय निदेशालय, जमशेदपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम और पाठ्यक्रम से नए संघ कर्मियों मे नवीन ज्ञान, नई सोच, एवं औद्योगिक लक्ष्य की प्राप्ति मे काफी सहयोग मिलेगा. टाटा स्टील सिर्फ उद्योग के बारे मे ही नहीं सोच रहा है बल्कि मानव समाज के समेकित विकास के बारे मे भी नीतियां बना रहा है. यह टाटा वर्कर्स यूनियन की महान परंपरा एवं आदर्श श्रम संघ कार्यशैली है जिससे देश मे टाटा समूह चतुर्दिक विकाश की ओर बढ़ रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम को राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के वारिष्ठ शिक्षा अधिकारी राज किशोर गोप ने अपने सम्बोधन मे कहा कि श्रमिक शिक्षा की स्थापना, इसके प्रचार एवं प्रसार में टाटा समूह का बहुत योगदान है. शिक्षा अधिकारी पशुपति नाथ साह ने बताया कि इस कार्यक्रम मे कुल 26 कमेटी मेम्बर भाग ले रहे है तथा यह कार्यक्रम 25 जनवरी तक चलेगा. कार्यक्रम मे पढ़ाये जाने वाले विषयों मे मुख्य रूप से वर्तमान औद्योगिक परिवेश मे श्रम संघ की भूमिका, लेबर कोड , कारख़ाना विधि , विस्वस्तरीय कर्मचारियों की खूबिया, टाटा बिज़नस मोडेल एवं एथिक्स , नवीन औद्योगिक संस्कृति , औद्योगिक संबंध तथा विकास के महत्वपूर्ण आयाम एतयादी शामिल है.



