
जमशेदपुर : औद्योगिक क्षेत्र जमशेदपुर में टाटा स्टील के बाद टिनप्लेट कंपनी ही ऐसी दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है, जिसने सौ साल का अपना सफर पूरा करने में सफलता पायी. 20 जनवरी 2020 को टिनप्लेट कंपनी अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है. टिनप्लेट कंपनी गोलमुरी से शुरू होकर पूरी दुनिया की सिरमौर बन गयी. टाटा स्टील की सहायक कंपनी के तौर पर टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड टिनप्लेट बनाती है. टिनप्लेट का उत्पदान को जमशेदपुर में होता है, लेकिन इसका मुख्यालय कोलकाता में होता है.

टिनप्लेट कंपनी एक उच्चगुणवत्ता वाला, इस्पात-आधारित, पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग माध्यम है, जो 100 प्रतिशत पुनर्नवीनीकरणीय है. टिनप्लेट खाद्य तेल, प्रसंस्कृत खाद्य, पेंट, कीटनाशक, एयरोसोल, बैटरी और क्राउन जैसे क्षेत्रों में कार्य करता है. परिचालन प्रदर्शन में समग्रसुार और स्थिरता प्रदर्शित करने के लिए कंपनी ने मार्च 2019 में जापान के क्योटो शहर में जापानी इंस्टीच्यूट ऑफ प्लांट मेंटेनेंस (जेआईपीएम) द्वारा दिया जाने वाला टीपीएम कंजिस्टेंसी अवार्ड प्राप्त किया बल्कि अपनी स्थापना के बाद से लगातार विकास की ओर अग्रसर है. टिनप्लेट कंपनी इस प्रण के साथ कि टिनप्लेट सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए सेवा के माध्यम से उत्कृष्टता के लिए प्रयास जारी रखेगी. टिनप्लेट के लिए भविष्य के विकास संचालकों के रूप में चिन्हित खाद्य सुरक्षा, पैकेजिंग इंटीग्रिटी और पर्यावरण संरक्षण के साथ, कंपनी रणनीतिक रूप से एक जिम्मेदार श्रेणी का नेतृत्वकर्ता बने रहने के लिए तैयार है.

टीम ने एक विषयगत अभियान शुरू करने का लक्ष्य रखा है, जो कि सर्वश्रेष्ठ पैकेजिंग विकल्प के रूप में टिनप्लेट के लाभों के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलायेगा. टिनप्लेट के एमडी आरएन मूर्ति ने सौ साल पूरे होने पर कहा कि 100 वर्षो का माइल स्टोन हासिल करना कंपनी और इसके स्टेक होल्डरों के लिए बहुत ही गर्व की बात है. कंपनी सुरक्षा, तकनीकी उन्नयन और टिकाऊ पैकेजिंग समान के क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रतिबद्घ है और ये सभी तत्व टिनप्लेट के व्यवसाय, कर्मचारियों, शेयधारकों और समुदायों के कल्याण से जुड़े हुए हैं. अब टिनप्लेट की शताब्दी के जश्न के साथ, कंपनी अगले 100 वर्षो के लिए नेतृत्व करने के लिए तैयार है.

प्रथम विश्व युद्ध के बाद टिनप्लेट की कमी को पूरा करने के लिए तत्कालीन टाटाआयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को, जो अब टाटा स्टील है) और बर्मा ऑयल कंपनी के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में इसकी शुरूआत हुई थी. कंपनी के पास आज पूरे भारत में उपस्थिति के साथ 379,000 मीट्रिक टन की क्षमता है और दुनिया भर में कई भौगोलिक क्षेत्रों में विवेकपूर्ण खरीदारों को अपने उत्पादों का एक चौथाई निर्यात कर रही है. टिनप्लेट उद्योग में घरेलू बाजार का यह कंपनी लीडर है और यह 40 प्रतिशत घरेलू बाजार को सेवाएं दे रही है. कंपनी आगे के विकास विकल्पों का भी मूल्यांकन कर रही है. पर्यावरण, स्वास्थ्य और टिकाऊ पैकेजिंग समानों की बढ़ती आवश्यकता के बारे में जागरूकता के साथ, पिछले 100 वर्षो में की तुलना में टिनप्लेट की मांग तेजी से बढ़ने की ओर अग्रसर है. टिनप्लेट ने भविष्य को आकार देने के लिए अपने लक्ष्य मजबूती से तय किए हैं.






