
टोक्यो: टोक्यो ओलंपिक में बुधवार को भारतीय महिला हॉकी टीम ने सेमीफाइनल मुकाबला में अर्जेंटीना को आसानी से हराकर फाइनल के सफर तय कर लिया है. भारत की ओर से पहला गोल गुरजीत कौर ने दागा.अर्जेंटीना की ओर से 18वें मिनट में पेनाल्टी का फायदा उठाते हुए मारिया बारिवेउवो ने गोल किया. टीम ने शानदार शुरुआत की है. पहले क्वार्टर के शुरुआत में ही गोल दाग दिया. गुरजीत कौर ने पेनल्टी के जरिए ये गोल किया। भारत अर्जेंटीना से 1-0 से आगे हो गया है. ये गोल खेल के दूसरे मिनट में हुआ. पहला क्वार्टर भारत के नाम रहा. दूसरे में अर्जेंटीना ने पहला गोल किया.अर्जेंटीना की ओर से 18वें मिनट में पेनाल्टी का फायदा उठाते हुए मारिया बारिवेउवो ने गोल किया. फर्स्ट हाफ तक दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर रहा. तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना की टीम 2-1 से आगे हो गई. टीम को इस क्वार्टर की शुरुआत में ही पेनाल्टी कॉर्नर मिला. कप्तान मारिया नोई ने 36वें मिनट में गोल किया. फिलहाल अर्जेंटीना 2-1 से आगे है. मैच में झारखंड की दो बेटियां निक्की प्रधान और सलीमा टेटे ने भी टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. निक्की प्रधान भारतीय हॉकी टीम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है. अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भी विरोधी टीम की खिलाड़ियों के लिए दोनों बेटियां दीवार बन कर खड़ी रही. अगर निक्की प्रधान रूपी दीवार को भेदने में अर्जेंटीना के खिलाड़ी कामयाब हो भी जाएंगे तो आगे डिफेंडर सलीमा टेटे खड़ी रहेंगी, जिनसे गेंद को आगे निकाल पाना विपक्षी खिलाड़ी के लिए मुश्किल रहा. टोक्यो ओलंपिक में अबतक खेले गए छह मैचों में भारतीय टीम कि मिडफील्डर निक्की प्रधान और डिफेंडर सलीमा टेटे का प्रदर्शन बेहतर रहा है.
प्रोजेक्टर से निक्की के गांव हेसल के लोगों ने देखा मैच

ओलिंपियन निक्की प्रधान के गांव हेसल में लोग प्रोजेक्टर के माध्यम से महिला हॉकी का सेमीफाइनल मैच देखा. बुधवार की सुबह खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश कुमार सिंह और थाना प्रभारी विक्रांत कुमार हेसल पहुंचे और मैच देखने की तैयारी का जायजा लिया. मैच को लेकर ग्रामीणों के उत्साह को देखते हुए बीडीओ मिथिलेश कुमार सिंह ने प्रखंड कार्यालय से प्रोजेक्टर मंगाकर ग्रामीणों को मैच दिखाने की बात कही. उन्होंने कहा कि गांव में नेटवर्क की समस्या है.इसलिए प्रोजेक्टर के माध्यम से मैच दिखाना सही रहेगा. निक्की प्रधान का घर छोटा है, सभी लोगों के एकसाथ बैठकर मैच देखने में दिक्कत होगी इसके लिए विकल्प तलाशे जा रहे हैं. किसी बड़े घर में मैच देखने के लिए स्थान की तलाश की जा रही है.गांव में स्कूल भी नहीं है कि लोग स्कूल के कमरे में बैठकर मैच देख सके. बारिश का दिन है बाहर खुले में भी मैच देखने में परेशानी हो सकती है.



