कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया. नामांकन से पहले ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास से अलीपुर सर्वे बिल्डिंग तक एक लंबी पदयात्रा की, जो पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन में बदल गयी.इस पदयात्रा के जरिये तृणमूल ने साफ संकेत दिया कि वह इस हाई-प्रोफाइल सीट को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. पदयात्रा के दौरान सड़कों पर समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा.इस मौके पर राज्य सरकार के मंत्री फिरहाद हकीम अपनी पत्नी और बेटी के साथ मौजूद रहे. भवानीपुर क्षेत्र के कई पार्षद, स्थानीय नेता और संगठन के पदाधिकारी भी इस पदयात्रा में शामिल हुए.राजनीतिक रूप से यह पदयात्रा केवल नामांकन की औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी ताकत दिखाने का बड़ा मंच बन गयी.तृणमूल के झंडे, बैनर और नारों से पूरा इलाका गूंजता रहा. इससे यह साफ हुआ कि इस सीट पर पार्टी का पूरा संगठन एकजुट होकर मैदान में उतरा है.अपने राजनीतिक संदेश में बनर्जी ने भवानीपुर की जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा, “मैं यहां 365 दिन रहती हूं और यहां के लोगों के साथ मेरा भावनात्मक जुड़ाव है.” उन्होंने पूरे राज्य की जनता से अपील की कि वे राज्य की सभी सीटों पर तृणमूल के उम्मीदवारों को समर्थन दें. उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी एक बार फिर सरकार बनायेगी और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी.ममता ने कहा- यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनकल्याण की नीतियों की रक्षा का भी है. उन्होंने यह भी कहा कि जनता विकास, सामाजिक सुरक्षा और स्थिर शासन के आधार पर फैसला करेगी. भवानीपुर सीट इस बार खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि यहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है. इस सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ मैदान में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के उतरने से चुनाव का महत्व और बढ़ गया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट का परिणाम पूरे राज्य की राजनीति पर असर डाल सकता है.



