कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के बीच भारतीय चुनाव आयोग ने राज्य में बड़े पैमाने पर वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के तबादले एवं नई नियुक्तियों के आदेश जारी किया हैं. आयोग ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद उक्त निर्णय लिये जाने की बात बताई है. इसके तहत राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक एवं कोलकाता के पुलिस कमिश्नर सहित कई वरीय पुलिस अधिकारी शामिल हैं. आयोग ने नव पदस्थापित पदाधिकारियों को सोमवार दोपहर 3 बजे तक पदभार ग्रहण कर सूचित करने का निर्देश भी दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ घंटों के अंतर ही राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया है. उनकी जगह दुष्यंत नारियावाला को नया मुख्य सचिव बनाया गया है. इसी प्रकार राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी उनके पद से हटाकर उनके स्थान पर 1997 बैच की आइएएस संघमित्रा घोष को गृह सचिव नियुक्त किया है. आयोग ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के बाद प्रशासनिक फेरबदल का फैसला लिया गया है. नवनियुक्त अधिकारियों को तत्काल कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है. आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए नए अधिकारियों को सोमवार, 16 मार्च को दोपहर 3 बजे तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है. आयोग ने यह भी कहा है कि जिन अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने तक चुनाव से संबंधित किसी भी कार्य पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं दूसरी तरफ आयोग ने सिद्धनाथ गुप्ता को पश्चिम बंगाल का डीजी एवं आइजीपी (इनचार्ज) नियुक्त किया है. इसके अलावा नटराजन रमेश बाबू को डीजी -करेक्शनल सर्विसेज, अजय मुकुंद रानाडे को एडीजी और आइजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) बनाया गया है, जबकि अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है. आयोग ने राज्य सरकार को इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करने एवं नवनियुक्त अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट सोमवार, 16 मार्च को दोपहर 3 बजे तक भेजने का निर्देश भी दिया है. इसके साथ ही आयोद ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव से जुड़े किसी पद पर तैनात नहीं करने की हिदायत भी दी है. (नीचे भी पढ़ें)
बंगाल तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह (आयोग) अपने बॉस को खुश करने के लिए अधिकारियों का तबादला कर सकता है, लेकिन ममता को जनता के दिलों से नहीं हटा सकता. टीएमसी प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि चुनाव आयोग सिर्फ अपने बॉस को खुश करने के लिए आदेशों का पालन कर रहा है. उन्होंने कहा – आप अधिकारियों का तबादला कर सकते हैं, लेकिन ममता बनर्जी को जनता के दिलों से नहीं हटा सकते. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पार्टी से जुड़े किसी भी अधिकारी को राज्य में चुनाव तंत्र का हिस्सा नहीं बनाया जाए. बंगाल बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, दौरान और बाद में उनके (भाजपा के) 250 कार्यकर्ता और सदस्य मारे गए. उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े किसी भी अधिकारी को चुनाव तंत्र का हिस्सा नहीं बनाया जाए.



