
चाईबासा : उप विकास आयुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला उपायुक्त के आदेशानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के मद्देनजर जिले में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उप विकास आयुक्त ने कहा कि ऐसा करते हुए पाए जाने पर विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी। तंबाकू अथवा गैर तंबाकू उत्पाद या गुटका खाकर सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से साधारण फ्लू से लेकर कई गंदगी जनित गंभीर बीमारियों के फैलने का भी खतरा रहता है। घर के दरवाजे अथवा खिड़की पर खड़े होकर या सड़क पर घूमते हुए थूकना सर्वथा अशोभनीय और गैर जिम्मेदाराना सामाजिक आचरण है। कहीं पर भी इस तरह की हरकत करने वालों को पाया जाता है तो प्रशासन के द्वारा सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।*
यत्र-तत्र थूकना कई गंभीर संचारी रोगों के फैलने का प्रमुख कारण
तंबाकू का सेवन जन-स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से एक है। थूकना सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। यत्र-तत्र थूकना संचारी रोगों के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू का सेवन करने वालों की प्रवृत्ति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण और उनसे कीटाणुओं के फैलने से कई गंभीर बीमारियों यथा कोरोना, एन्सेफेलाइटिस, यक्ष्मा, स्वाइन फ्लू इत्यादि के संक्रमण फैलने की संभावना प्रबल रहती है। तंबाकू सेवन करने वाले लोग गंदगी फैला कर वातावरण को दूषित करते हैं जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने के लिए उपयुक्त परिस्थिति तैयार होती है।
भारतीय दंड संहिता की धारा 268 या 269 के अनुसार होगी कार्रवाई
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस (COVID-19) को विश्वव्यापी महामारी घोषित किया जा चुका है।भारत सरकार एवं झारखंड सरकार द्वारा इस विश्वव्यापी महामारी की रोकथाम एवं बचाव हेतु कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 268 या 269 के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि ऐसा विधि विरुद्ध कार्य अथवा उपेक्षापूर्ण कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलना संभाव्य हो, उस व्यक्ति को 6 माह अवधि तक का कारावास अथवा 200 रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादन अधिनियम (कोटपा) 2003 की धारा-4 के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषिद्ध है। प्रतिबंधित स्थलों पर धूम्रपान निषेध का उल्लंघन करने पर दंड स्वरूप 200 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
“जान है तो जहान है”- तंबाकू को कहें “ना!”
विदित हो कि तंबाकू सेवन के उपरांत उसे यत्र-तत्र थूकने को निषिद्ध करने से वातावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग मिलेगा। साथ ही यह कदम राज्य सरकार के कोरोना जैसी महामारी से बचाने तथा “स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत” अभियान में अहम योगदान होने के साथ ही जन स्वास्थ्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
सभी सरकारी और गैर सरकारी परिसरों में तंबाकू और उससे बने उत्पादों का प्रयोग पूर्णतया वर्जित
जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जिला के सभी सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय एवं परिसर, सभी स्वास्थ्य संस्थान एवं परिसर, सभी शैक्षणिक संस्थान एवं परिसर तथा सभी थाना एवं परिसर में किसी भी प्रकार का तंबाकू पदार्थ यथा सिगरेट, बीड़ी, खैनी, गुटखा, पान मसाला व जर्दा इत्यादि का उपयोग पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाता है। यदि कोई भी पदाधिकारी, कर्मचारी, आगंतुक उक्त नियम का उल्लंघन करते हैं तो उल्लंघनकर्ताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







