रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : मनोहरपुर थाना क्षेत्र के उंधन गांव स्थित आरटीसी पब्लिक स्कूल के आदिवासी छात्रावास में शनिवार शाम 9वीं के छात्र सौरभ बिसई (14 बर्ष) का शव पंखे से लटका मिला. आनंदपुर निवासी छात्र का शव छात्रावास में उसके सहपाठी के कमरे में गमछे के सहारे लटका मिला. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस शव को सीएचसी लाई, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. उधर खबर मिलते ही बच्चे के पिता अपने परिचितों के साथ हॉस्टल पहुंचे. छात्र के पिता ने सौरभ की मौत को हत्या बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग पर अड़े हुए हैं. (नीचे भी पढ़ें)

स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, स्कूल में रोजाना दोपहर 3:50 से शाम 5 बजे तक ट्यूशन की कक्षा चलती है. शनिवार को ट्यूशन के बाद बच्चे खेलने चले गये, लेकिन सौरभ खेलने नहीं गया. अपने सहपाठी के कमरे में जाकर गमछे से फंदा बनाकर पंखे पर झूल गया, जिससे उसकी मौत हो गई. देर शाम बच्चे जब खेल कर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था. इसके बाद एक छात्र ने दरवाजे की सुराख से झांका तो सौरभ का पैर झूलता नजर आया. इसके बाद छात्रों के शोर मचाने पर पहुंचे स्कूल के शिक्षक आदि ने शव को उतारा और मामले की जानकारी पुलिस को दी. (नीचे भी पढ़ें)

मनोहरपुर के प्रभारी कल्याण पदाधिकारी राजेंद्र बाड़ा ने दूरभाष पर बताया कि उक्त छात्रावास की जिम्मेवारी स्कूल के दुबेश्वर महतो पर है. स्कूल का छात्रावास निःशुल्क है. किन्तु मृत छात्र के पिता ने बताया कि छात्रावास में रहने के लिए प्रतिमाह 2500 रुपये लिए जाते हैं. आरटीसी स्कूल के दुबेश्वर महतो से बात की गयी, तो उन्होंने कभी खुद को सुपरिंटेंडेट तो कभी अकाउंटेंट, तो कभी कुछ और बताया. वे अपनी जिम्मेवारी से पीछे भागते दिखे. (नीचे भी पढ़ें)

मृतक सौरभ विसई के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां सौरभ के मामा शिवप्रसाद साहू ने अपने भगिने की छात्रावास में हत्या का आरोप लगाया. उन्होंने आशंका जताई कि छात्रावास में कार्यरत शिक्षकों ने ही उनके भांजे को मारने के बाद फांसी पर लटका कर उसे आत्महत्या का रूप देने की साजिश रची है. इसके मद्देनजर उन्होंने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम कराने एवं पुलिस प्रशासन से इस संबंध में उचित कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है.











