चाईबासा : झारखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चार सदस्यीय कमेटी के सदस्यों, विकास दोदराजका, रुचि कुजूर, डॉ आभा वीरेंद्र अकिंचन एवं मिन्हाजुल हक ने पश्चिमी सिंहभूम जिला भ्रमण के क्रम में बाल हित के तहत हो रहें कार्यों का निरीक्षण किया गया. टीम ने सर्वप्रथम चक्रधरपुर अनुमडल में चक्रधरपुर रेल मंडल कार्यालय का भ्रमण कर रेलवे स्टेशन व चाइल्ड हेल्पलाइन का निरीक्षण किया. इस अवसर पर चक्रधरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी कंचन मुख़र्जी, अनुमडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अश्विनी कुमार, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, बीईओ, चाइल्डलाइन के कन्हैया पांडेय, बाल संरक्षण इकाई से रीना कच्छप, राजीव कुमार, मिथुन कुमार, मनोज दास आदि उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)

दल के सदस्य इसके उपरांत चाईबासा संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया. इस दौरान सदर एसडीओ संदीप अनुराग टोप्पो, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) शिवेंद्र, सदर बीडीओ अमिताभ भगत, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जगन्नाथ हेम्ब्रम, बाल चिकित्सक डॉ संदीप बोदरा, सीडब्लूसी के मो शमीम, चाइल्डलाइन से कन्हैया पांडेय, संप्रेक्षण गृह की परिवीक्षा पदाधिकारी रूपा ठाकुर, शिक्षक विश्वनाथ दास, गृहपति रवि महतो, पारा चिकित्सक संध्या कुमारी, मेरी मुंडू उपस्थित रहीं. निरीक्षण के दौरान संप्रेक्षण गृह में रह रहे आवासित किशोरों को मिल रही मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया. इस क्रम में उन्होंने तैयार भोजन को खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की, साथ ही, पीने के पानी, शयन कक्षों की स्थिति, बाथरूम साफ-सफाई, खेलकूद की सामग्री, मनोरंजन के लिए टीवी आदि की उपलब्धता का जायजा लिया, साथ ही, सुरक्षा से संबंधित पहलुओँ, जैसे चहारदीवारी, सीसीटीवी कैमरे इत्यादि का भी अवलोकन किया. (नीचे भी पढ़ें)

आयोग के सदस्यों ने देखभाल और संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों के लिए आश्रय गृह, बाल कुंज और छाया बालिका गृह के बच्चों से भी मिलकर वहां की स्थिति का जायजा लिया. इसके साथ ही, उन्होंने जिले में विशेष बच्चों के लिए स्थापित आशा किरण मूक-वधिर विशेष विद्यालय और प्रेरणा विशेष विद्यालय के बच्चों के साथ मुलाकात कर वहां की स्थिति का भी आकलन किया. बाल आयोग के सदस्यों ने विशेष विद्यालय में मिल रही सुविधाओं और सरकार की योजना का भी निरीक्षण किया.



