चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम के चाईबासा स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित दो दिवसीय डीएवी स्पोर्ट्स 2026 राज्य स्तरीय वुशु चैंपियनशिप रंगारंग समारोह के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सह एआरओ ओपी मिश्रा ने कहा कि इस प्रतियोगिता में 10 संकुलों के 26 डीएवी विद्यालयों के अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के कुल 271 प्रतिभागियों ने भाग लिया. उन्होंने कहा कि वुशु सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मरक्षा, आत्म-अनुशासन और मानसिक एकाग्रता का संगम है. मुझे गर्व है कि हमारे बच्चों ने जिस साहस और जोश के साथ भाग लिया है, वह काबिले-तारीफ है. हार-जीत से बढ़कर खेल भावना है, जो आज नहीं जीत पाए हैं, वे निराश न हों, निरंतर अभ्यास से ही सफलता मिलती है. बालिका वर्ग में कुल 20 स्वर्ण, 19 रजत और 16 कांस्य सहित कुल 55 पदक प्रदान किए गए. जिसमें डीएवी खलारी ने 1 स्वर्ण, डीएवी निरजा सहाय ने 1 रजत, डीएवी सिंदरी ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 6 पदक, डीएवी कैटर्स टाउन ने 1 स्वर्ण और 2 रजत सहित कुल 3 पदक, डीएवी भंडार कोला ने 2 स्वर्ण, 1 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 5 पदक, डीएवी अग्रसेन ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 7 पदक, डीएवी पुंदाग ने 2 स्वर्ण, 1 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते. (नीचे भी पढ़ें)

बालक वर्ग में कुल 94 पदक प्रदान किए गए. जिनमें 26 स्वर्ण, 24 रजत, 44 कांस्य पदक प्रदान किए गए. डीएवी खलारी ने 1 कांस्य, डीएवी सिंदरी ने 3 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 4 पदक, डीएवी राजरप्पा ने 4 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 6 पदक, डीएवी कथारा ने 3 रजत और 5 कांस्य सहित कुल 8 पदक, डीएवी ढोरी ने 3 कांस्य, डीएवी भंडार कोला ने 11 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 15 पदक, डीएवी ललपनिया ने 1 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 4 पदक, डीएवी कुसुंडा ने 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 2 पदक, डीएवी मुगमा ने 3 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 7 पदक, डीएवी कांके ने 5 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 11 पदक, डीएवी भंडारीदह ने 2 कांस्य, डीएवी कोडरमा ने 2 रजत, डीएवी मूनिडीह ने 2 कांस्य, डीएवी अग्रसेन ने 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 9 पदक, डीएवी पुंदाग ने 2 स्वर्ण, 3 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 8 पदक तथा अन्य विद्यालयों ने भी पदक जीते. समापन समारोह में प्राचार्य सह एआरओ ओपी मिश्रा, पर्यवेक्षक डीएवी गुआ के प्राचार्य प्रवीण कुमार, वरिष्ठ शिक्षक चंद्रशेखर और रोहित कुमार द्विवेदी के द्वारा सभी विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.




