रामगोपाल जेना/बंदगांव : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड में डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा ने एक महिला की जान ले ली. कराइकेला थाना क्षेत्र के कोलजोमरो गांव में 46 वर्षीया रेंदाई सुंबरूई की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है. (नीचे भी पढ़ें)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोलजोमरो गांव निवासी साधुचरण सुंबरूई की पत्नी रेंदाई सुंबरूई शुक्रवार की रात अपने घर में सो रही थीं. इसी दौरान रात करीब 12 बजे चार आरोपी कथित तौर पर उनके घर में घुस आए और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया. हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए. शनिवार सुबह परिजनों ने महिला का खून से लथपथ शव देखने के बाद कराइकेला पुलिस को इसकी सूचना दी. (नीचे भी पढ़ें)

सूचना पाकर दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे कराइकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजवाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छापामारी शुरू की, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ की जा रही है, जबकि फरार दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी जारी है. प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपियों में से एक की पत्नी पिछले कुछ दिनों से बीमार थी. बताया जा रहा है कि आरोपी को संदेह था कि महिला ने उसकी पत्नी पर कुछ किया है. इसी अंधविश्वास और संदेह को हत्या की वजह माना जा रहा है. हालांकि, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. (नीचे भी पढ़ें)
बंदगांव प्रखंड में डायन-बिसाही के आरोप में महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं. जागरूकता अभियानों के बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आना समाज के लिए चुनौती बना हुआ है. इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को उजागर किया है. डायन-बिसाही का आरोप लगाकर किसी के खिलाफ हिंसा या उसकी हत्या को उचित नहीं ठहराया जा सकता. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता जरूरी है.





