रामगोपाल जेना / चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में 59वां अभियंता दिवस समारोह उत्साह एवं गरिमापूर्ण माहौल में मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन उपायुक्त कार्यालय परिसर में किया गया, जहां जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं ने भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न डॉ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धापूर्वक नमन किया. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त मनीष कुमार मौजूद रहे. वहीं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार सहित जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं अभियंता कार्यक्रम में शामिल हुए. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा गुब्बारे उड़ाकर की गई. इसके बाद डॉ एम विश्वेश्वरैया के चित्र के समीप दीप प्रज्वलित कर उन्हें पुष्प अर्पित किए गए. इस दौरान उपस्थित अभियंताओं ने उनके योगदान एवं आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. समारोह में एनआरइपी के कार्यपालक अभियंता ई हरिनंदन रजक, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ई राजू मरांडी तथा लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता ई पंकज कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे. इसके अलावा सहायक अभियंता ई अमर रविदास, ई केके भगत, ई श्यामल हांसदा समेत जिले के विभिन्न विभागों में पदस्थापित अभियंताओं ने भी समारोह में भाग लिया. (नीचे भी पढ़ें)

अभियंताओं की भूमिका को किया गया रेखांकित : समारोह के दौरान जिले के विकास में अभियंताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया. सड़क, पुल-पुलिया, भवन, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पेयजल सहित आधारभूत संरचनाओं के निर्माण और योजनाओं को धरातल पर उतारने में अभियंताओं के योगदान को रेखांकित किया गया. अभियंता दिवस प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को डॉ एम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है. उन्हें भारत के महानतम अभियंताओं में गिना जाता है और राष्ट्र निर्माण तथा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है. चाईबासा में आयोजित इस समारोह में अभियंताओं ने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीकी क्षेत्र में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं. ऐसे में अभियंताओं की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है. बेहतर तकनीक, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना ही डॉक्टर विश्वेश्वरैया के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. समारोह में मौजूद अधिकारियों अभियंताओं ने डॉक्टर विश्वेश्वरैया के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जिले के विकास कार्यों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ योगदान देने का संकल्प लिया.




