
गोईलकेरा : चाईबासा गोईलकेरा मुख्य सड़क कदामडीहा पंचायत के गितिलपी चौक में भाकपा माओवादियों द्वारा इस वारदात से क्षेत्र में फिर से ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा हो गया. बताते चलें कि रंधो सुरीन वनग्राम लोवाबेड़ा के निवासी हैं. 19 अगस्त शाम के लगभग 8 बजे भारी संख्या में माओवादियों द्वारा गितिलपी चौक में मुख्य सड़क के बीचों बीच धारदार हथियार से गला रेत कर माओवादियों ने मौत के घाट उतार दिया. शव को वहीं छोड़ दिया फिर पोस्टर रिलीज कर एसपीओ पुलिस का मुखबिरी के नाम मौत का सजा देने का एलान किया गया है. फिर नारेबाजी करते हुए जंगल की ओर प्रस्थान किया. इस घटना से ग्रामीणों में काफी आक्रोश के साथ-साथ डर का महौल पैदा हो गया है. (नीचे भी पढ़ें)
यही गितिलपी चौक पर कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं माओवादियों- गितिलपी चौक से पश्चिम दिशा में लगभग तीन-चार किलोमीटर दूरी पर सीआरपीएफ के 60 बटालियन के कैम्प है. पूरब की ओर 10 किलोमीटर सायतवा में सीआरपीएफ के 60 बटालियन के कैम्प है. दक्षिण दिशा में लगभग चार, पांच किलोमीटर दूरी पर हाथीबुरु में भी सीआरपीएफ के 60 बटालियन के कैम्प है. गितिलपी गांव को अगर देखा जाए तो सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीआरपीएफ कैम्प से गिरा हुआ है.




