रामगोपाल जेना/चाईबासा : भाकपा माओवादी नक्सलियों ने रविवार देर रात गोइलकेरा थाना क्षेत्र के कदमडीहा पंचायत के लौवाबेड़ा ग्राम निवासी अर्जुन सुरीन (45 वर्ष) की हत्या कर दी. नक्सलियों को अर्जुन सुरीन पर पुलिस की मुखबिरी करने का संदेह था. नक्सलियों ने हत्या करने के बाद अर्जुन को फांसी के फंदे से लटका दिया. पुलिस मृतक का शव बरामद करने के लिए निकल गई है. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि नक्सलियों द्वारा लगातार दो दिन में दो ग्रामीणों की हत्या किये जाने से आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों में भय व आतंक का माहौल बन गया है. इससे पहले नक्सलियों ने कदमडीहा पंचायत के गितिलपी गांव निवासी रांदो सुरीन की गला रेत कर हत्या कर दी थी. लेकिन अर्जुन सुरीन की हत्या के बाद नक्सलियों द्वारा उसके शव को फांसी के फंदे पर लटकाये जाने को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. पुलिस मृतक का शव बरामद करने के लिए रवाना हो गयी है.(नीचे भी पढ़ें)
मिली जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने रांदो सुरीन एवं अर्जुन सुरीन का एक ही दिन अपहरण किया था. नक्सलियों ने रांदो सुरीन की हत्या उसके गांव के पास मुख्य सड़क पर लाकर की थी, जबकि अर्जुन सुरीन की उसके गांव लौवाबेड़ा में लाकर हत्या की गयी एवं शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया. कोल्हान वन प्रमंडल के जंगल को काटकर लौवाबेड़ा गांव बसाया गया है. इसे झारखड का गोड़ा अथवा झारखंड गांव भी कहा जाता है. नक्सली निरंतर आदिवासियों की ही हत्या कर आदिवासी विरोधी बनते जा रहे हैं. इसको लेकर नक्सलियों के खिलाफ आदिवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.











